करनाल। हरियाणा में नवंबर में होने वाले खेलो इंडिया गेम्स से पूर्व सितंबर में राज्य खिलाड़ियों के ट्रायल लिए जा सकते हैं। इससे मेधावी खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलेगा। खेल विभाग का कहना है कि खेलो इंडिया से पूर्व जो भी औपचारिकताएं हैं, वे सब पूरी की जाएंगी। वहीं खेलो इंडिया में बेस्ट रैंकिंग चलती है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित राज्यों की बेस्ट आठ टीमें ही खेलो इंडिया में भाग लेती हैं। कोरोना काल की वजह से 2020 में खेल नहीं हुए। इसलिए हो सकता है 2019 की रैंकिंग के आधार पर टीमों की प्रतिभागिता की जाए। क्योंकि इस बार कुछ टूर्नामेंट हुए हैं और कुछ इवेंट के टूर्नामेंट नहीं हुए।
खेल प्रशिक्षक ने बताया कि हरियाणा में खेलो इंडिया की मेजबानी का फायदा होगा कि यहां की होस्ट टीम अलग से बना सकते हैं। 21 इवेंट में यदि किसी में हरियाणा की टीम नहीं है तो वह अपनी होस्ट टीम बनाकर भाग ले सकता है। खेलो इंडिया में अंडर-17, खेलो इंडिया यूथ गेम्स व खेलो इंडिया इंटर यूनिवसिटी वर्ग के खिलाड़ी को प्रतिभागिता का मौका मिलता है। इस बार अंडर-18 आयु वर्ग को अवसर मिलेगा। जो खिलाड़ी कोरोना काल में पिछले साल वंचित रह गए वे 18 वर्ष की उम्र होने पर अवसर हासिल कर सकेंगे।
खेलो इंडिया में हॉकी, फुटबाल, एथलेटिक्स, वालीबाल, कुश्ती, बाक्सिंग, कबड्डी, खो-खो, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, जिम्नास्टिक, साइक्लिंग आदि होने हैं। राष्ट्रीय स्तर पर राज्य चयनित होने के बाद राज्य अपने होनहार खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल कर सकते हैं। उनका मकसद इन खेलों में जीत हासिल करना होता है। कई बार टीम में किसी कारण कोई खिलाड़ी नौकरी लग जाता है, चोटिल होने की स्थिति, विदेश चले जाने या कहीं शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने की वजह से उसके स्थान पर ट्रायल के तौर पर अच्छा खिलाड़ी शामिल करते हैं। इसलिए खिलाड़ियों की संख्या पूरी करने के लिए ट्रायल किए जाते हैं।
खेलो इंडिया की मेजबानी के लिए हरियाणा तैयार है। खेल विभाग के अधिकारी मेहनत कर रहे हैं। खेलो इंडिया से पूर्व राज्य में खेल संबंधी जो भी औपचारिकताएं होंगी वे सब पूरी की जाएंगी।
-- संदीप सिंह, खेल मंत्री हरियाणा।
सुबह-शाम करवाया जा रहा अभ्यास
करनाल। सामान्य दिनों में कर्ण स्टेडियम में 70 से 80 तक बच्चे हाकी का अभ्यास करने आते थे। महामारी के चलते खेल गतिविधियां बंद रहीं। इसके चलते अब करीब 40 बच्चे अभ्यास करने आते हैं। खेल प्रशिक्षकों का कहना है कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सुबह-शाम शिफ्ट में अभ्यास करवा रहे हैं। कर्ण स्टेडियम के हॉकी कोच बृजभूषण का कहना है कि यदि खिलाड़ी आते हैं तो शिफ्ट बढ़ा दी जाएंगी। सीमित संख्या व कोविड नियमों के पालन के साथ ही अभ्यास करवाया जाएगा।
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