कई महीने से अटकी पड़ी शिकायतों का सीएम विंडो पर अब जल्द से जल्द समाधान
होगा। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ अब
कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए 25 दिसंबर
को खोली गई सीएम विंडो पर अब तक विभिन्न विभागों की करीब 7500 शिकायतें
पहुंच चुकी हैं और इनमें से महज 25 प्रतिशत शिकायतों का ही समाधान हो सका
है। इस पूरे मामले को लेकर सीटीएम ने लंबित पड़ी 265 शिकायतों को एक सप्ताह
में निपटाने के आदेश दिए हैं। ध्यान रहे कि पूरे मामले को लेकर अमर उजाला
ने अपने 20 अगस्त के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। समाचार में बताया
गया था कि कैसे यह विंडो अब प्रशासन व आम जनता के लिए सिरदर्दी बन गई है।
इस पूरे मामले को लेकर शुक्रवार को सीटीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते
हुए जल्द समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। सीटीएम ने कहा कि यदि
समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो विलंब करने वाले अधिकारियों के
खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों
को लेकर डीसी बहुत गंभीर हैं। जल्द निपटारा किया जाए, विलंब करने वाले
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लघु सचिवालय स्थित सभागार
में जिले के अधिकारियों की बैठक लेते हुए सतीश ने निर्देश दिए कि सीएम
विंडो के माध्यम से आने वाली शिकायतों का समाधान संबंधित अधिकारी
प्राथमिकता के आधार पर करें। यदि कोई शिकायत संबंधित विभाग से वास्ता नहीं
रखती तो उसे उसी दिन वापस कर दिया जाए।
इन मामलों की नहीं ली जाएगी शिकायत
सचिवालय
में स्थापित सीएम विंडो पर आरटीआई, ट्रांसफर, नौकरी से संबंधित आवेदन व
कोर्ट में चल रहे मामलों से संबंधित कोई शिकायत नहीं ली जाएगी, जबकि अन्य
किसी भी प्रकार की दरखास्त प्रार्थी सीएम विंडो पर दे सकते हैं।
अधिकारी नहीं देते शिकायत का स्पष्ट जवाब
सीटीएम
ने बताया कि सीएम विंडो पर जो शिकायत आती है, कई बार अधिकारी उसका पूरी
तरह से स्पष्ट जवाब साफ नहीं देते। इसलिए अब जो भी शिकायत का समाधान हो,
उससे संबंधित सभी कागजात शिकायत के साथ संलग्न होने चाहिए। सीएम विंडो पर
संबंधित शिकायत के बाद जो भी पेपर अपलोड करें वो पूरी तरह से साफ और स्पष्ट
होना चाहिए ताकि संबंधित शिकायतकर्ता उन कागजातों से पूरी तरह से संतुष्ट
हों।
265 लंबित शिकायतों का हफ्ते मेें निपटाने के आदेश
बैैठक
में नगराधीश ने डीडीपीओ को कहा कि उनके विभाग से संबंधित 168 शिकायतें
लंबित हैं। इन समस्याओं का जल्द ही निपटारा करें। इसी तरह बैंकों से
संबंधित 4, पुलिस विभाग से 9, बीडीपीओ इंद्री से 9, बीडीपीओ घरौंडा से 26,
बीडीपीओ असंध से 13, तहसीलदार करनाल से संबंधित 30 शिकायतें लंबित हैं। इन
शिकायतों का एक सप्ताह में समाधान करके उपायुक्त कार्यालय में रिपोर्ट दें।
इस अवसर पर डीडीपीओ कुलभूषण बसंल, डीएसपी सिटी राजकुमार, डीआरओ सुभाष
मेहता, ईओ नगर निगम धीरज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित
रहे।