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Karnal News: अब शहर के पार्कों का होगा बेहतर रखरखाव, निगम ने बनाई नई योजना

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अब शहर के पार्कों का होगा बेहतर रखरखाव, निगम ने बनाई नई योजना
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- शहर में है 218 पार्क, इनमें से 87 पार्क को निगम कर चुका है आरडब्ल्यूए के हैंडओवर
- बाकी 30 पार्कों को ओलीवेल एजेंसी कर रही देखभाल, अब बचे 100 पार्कों को किया जाएगा नेचर प्लस फाउंडेशन के हैंडओवर
- चार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से एजेंसी और आरडब्ल्यूए को किया जाएगा भुगतान
फोटो:

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
अब शहर के पार्क सिर्फ हरियाली ही नहीं बल्कि नागरिकों की सेहत और शहर की खूबसूरती के भी सच्चे संरक्षक बनेंगे। ये पार्क अब पहले से ज्यादा हरे-भरे और व्यवस्थित दिखाई देंगे। नगर निगम ने इसके लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। शहर में कुल 218 पार्क हैं। इनमें से 87 पार्क पहले ही आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) को हैंडओवर किए जा चुके हैं। इसी तरह 30 पार्कों का रखरखाव ओलीवेल एजेंसी कर रही है। अब निगम ने शेष 100 पार्कों को नेचर प्लस फाउंडेशन के हवाले करने का फैसला किया है। निगम अधिकारियों के अनुसार पार्कों का रखरखाव करने वाली एजेंसी और आरडब्ल्यूए को चार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इससे न केवल पार्कों की हरियाली बनी रहेगी बल्कि निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं आएगा। शहर की खूबसूरती और नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। पार्कों की देखरेख अब व्यवस्थित तरीके से होगी और नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा। निगम की गार्डनिंग विंग समय-समय पर इनका जायजा लेगी।
स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से पार्कों में घास की कटाई और पौधों की देखभाल ढंग से नहीं हो पा रही थी। अगर नई एजेंसी जिम्मेदारी निभाती है तो लोगों को सुबह-शाम सैर के लिए बेहतरीन माहौल मिलेगा। शहर के नागरिकों को उम्मीद है कि इस नई पहल से पार्कों की हरियाली और साफ-सफाई लंबे समय तक कायम रहेगी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को इसका फायदा मिलेगा और पार्क फिर से ताजगी भरी फिजाओं से महकेंगे।
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बता दें कि शहर के पार्कों की अव्यवस्था की शिकायतें लगातार नगर निगम और शहर के जनप्रतिनिधियों को मिल रही थी। मुख्य रूप से शहर के सेक्टरों के पार्कों के हालात बदहाल हो चुके थे। लंबी घास, छंटाई न हो पाना, सफाई न होने से इनमें कूड़े के ढ़ेर तक लगने लगे थे। इसे लेकर सरकार के निर्देशों पर नगर निगम ने सबसे पहले संबंधित पार्कों की आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से संपर्क किया। रखरखाव के लिए आरडब्ल्यूए को पार्क सौंपे गए। चूंकि संबंधित एरिया के पार्कों की देखभाल और रखरखाव संबंधित आरडब्ल्यूए पदाधिकारी बेहतर ढंग से कर सकते हैं। जिन पार्कों के लिए आरडब्ल्यूए नहीं हैं उन्हें अब प्राइवेट एजेंसी को सौंपा जा रहा है।
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नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा का कहना है कि शहर के लोगों को पार्कों में व्यवस्था और सफाई का लाभ मिले इसके लिए पार्कों को एजेंसी और आरडब्ल्यूए को सौंपा जा रहा है। इससे व्यवस्था बेहतर होगी।
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