संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले की अनाज मंडियां धान से अटी हैं। रविवार को अलग-अलग समय में हुई बूंदाबांदी के कारण अनाज मंडियों में खुले में पड़ा व एजेंसियों द्वारा खरीदा गया धान भीग गया। अनाज मंडी में आढ़तियों के पास इतनी तिरपाल तक नहीं थी कि खुले में पड़ी धान को ढक सकें। वहीं कई किसानों की धान अभी खेतों में ही खड़ी। जिसकी कटाई भी नहीं हुई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक मौसम खराब होने की आशंका जताई है। अनाज मंडियों के बाहर धान से भरी ट्राली लेकर खड़े किसानों ने खुद ही तिरपाल से धान ढका था। करनाल अनाज मंडी में दो दिन के लिए खरीद कार्य बंद है। जिस कारण अनाज मंडी के सभी गेटों पर किसानों की लंबी लाइन लगी हैं। जो घर से ट्रालियों में धान भरकर मंडी में लेकर आए हैं।
कम रेट मिलने की आशंका से परेशान किसान
इंद्री। सुबह हल्की बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा लाखों क्विंटल धान मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण भीग गया। किसान को धान का कम रेट मिलने की आशंका सताने लगी है। किसान वीरेंद्र, राजकुमार, राजेश व हुकम चंद का कहना है कि किसान को पहले ही फसल का रेट लागत से कम मिल रहा है। अब बारिश के कारण धान में नमी की मात्रा बढ़ जाएगी। नमी बढ़ने से फसल कम मूल्य पर बिकेगी। यह सब प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। यदि प्रशासन उचित व्यवस्था करता तो उनकी फसल नहीं भीगती। संवाद
मंडी में भीगता रहा खरीदा गया धान
निसिंग। अनाजमंडी में सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया लाखों क्विंटल धान खुले में पड़ा है। जिसका समय पर उठान न होने के कारण मंडी में पड़ा धान भीगता रहा। डीएफएससी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि मंडी में एजेंसी का एक लाख तीस हजार क्विंटल धान पड़ा है। जिसका उठान नहीं हो पाया। रविवार शाम करीब पौने सात बजे क्षेत्र में झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिससे समय पर उठान के अभाव में खुले में पड़ा एजेंसियों का धान भीगता रहा। मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि सोमवार को मंडी में भीड़भाड़ को दुरुस्त बनाने के लिए किसानों की धान का प्रवेश बंद रहेगा। मंडी में पहुंचने वाले किसी भी किसान का गेटपास नहीं काटा जाऐगा। महज उसी धान की खरीद होगी जो पहले से मंडी में पड़ा है। संवाद