फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच मंडियों में धान खरीद बंद, ट्रालियों की लगी कतारें, किसानों का जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग निदेशालय ने करनाल की पांच मंडियों सहित प्रदेश के 12 जिलों की 47 अनाज मंडियों में इस सत्र की खरीद को बंद करने का आदेश जारी किया है। खास बात यह भी है कि देर रात अधिकारी यह नहीं बता पाए कि जिन मंडियों के नाम बंद होने वाले मंडियों में शामिल हैं, उनमें बुधवार को खरीद होगी या फिर नहीं।
विज्ञापन

जिला खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक अशोक रावत ने बताया कि विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों की 47 अनाज मंडियों में धान की खरीद बंद कर दी है। करनाल जिले की बयाना, घीड़, जुंडला, कुंजपुरा व तरावड़ी अनाज मंडी में धान की खरीद इस खरीफ सत्र में बंद कर दी गई है। करनाल, असंध, इंद्री व नीलोखेड़ी आदि अनाज मंडियों में खरीद होगी। लेकिन बुधवार से खरीद होगी, इस पर वह जवाब नहीं दे पाए हैं।
उनका कहना है कि बुधवार को यह पता लगेगा कि बुधवार को खरीद होगी या नहीं। क्योंकि इसका अधिकार सरकार ने उपायुक्तों को दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह माना जा रहा है कि अधिकांश किसानों का धान तो बिक गया लेकिन अब मंडियों में सीमांत राज्यों का धान बड़ी संख्या में आढ़तियों आदि ने मंगा लिया है। जिससे मंडियों में गड़बड़ी होने की प्रबल आशंका है।
विज्ञापन

नहीं हो रही धान की खरीद, अनाज मंडियों में ट्रैक्टर ट्रालियों की लगी कतारें
करनाल। हरियाणा सरकार ने दिवाली के मौके पर चार से सात नवंबर तक के लिए धान की खरीद बंद की थी। लेकिन आठ नवंबर व नौ नवंबर को भी अनाज मंडियों में धान की खरीद अघोषित तरीके से बंद रखी गई।
करनाल अनाज मंडी सहित विभिन्न अनाज मंडियों में धान लेकर पहुंचे किसानों के ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी कतारें लगी रही, लेकिन किसी को गेटपास नहीं मिल सका। करनाल में तो हाइवे के सर्विसलेन पर करीब तीन किमी तक कतारें लगने से जाम की स्थिति बनी रही। किसानों के गुस्से से बचने के लिए दिन भर मंडी सचिव सहित अधिकांश कर्मचारी कार्यालयों से नदारद रहे। बुधवार को धान की खरीद होगी या नहीं, इस पर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रदेश भर में सरकार ने धान की खरीद चार नवंबर को दिवाली के दिन से ही बंद कर थी। हालांकि हरियाणा राज्य में अधिकांश किसानों का पीआर धान बिक चुका है लेकिन अभी भी ऐसे किसानों की कमी नहीं है, जिनके पास अभी भी विक्रय के लिए धान शेष है। यही किसान धान को ट्रैक्टर ट्रालियों में लेकर अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। करनाल अनाज मंडी में पिछले तीन दिनों से दर्जनों किसान धान भरी ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर खड़े हैं, लेकिन धर्म कांटे पर र्कोई गेटपास देने वाला नहीं है।
जीटी रोड के सर्विस लेन पर दोनों तीन किमी तक लंबी कतारें हैं, जिससे वाहनों को आने जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहां खड़े किसानों ने अपने आधार कार्ड भी दिखाए, जिसमें हरियाणा के करनाल जिले के विभिन्न गांवों का पता अंकित है। जिले की कुछ अन्य मंडियों में भी किसान धान लेकर पहुंचे हैं।
- एक ट्राली पीआर धान लेकर आया हूं, दो दिन हो गए हैं। लेकिन न तो मंडी में कोई अधिकारी कर्मचारी है और न ही गेटपास दिए जा रहे हैं।
-कुलतार सिंह, पूर्व सरपंच मक्कू माजरा।
------
-दो ट्रालियों में पीआर धान बचा है, जिसे बेचने के लिए आया हूं लेकिन सरकार ने खरीद ही बंद कर दी है, कोई यह भी नहीं बता रहा कि खरीद होगी या नहीं।
-नवदीप शाही, किसान संगोहा।
---------
- सरकार को यदि धान की खरीद बंद करनी थी तो किसानों को पहले नोटिस देना चाहिए था, अब हम बचे हुए धान को आखिर कहां ले जाएं।
-रण सिंह, किसान संगोहा।
---------
- मेरे पास भी दो ट्रालियों में धान है, करनाल जिले का रहने वाला हूं, सरकार ने यूपी के धान के शक में खरीद रोक रखी है, सत्यापन करके तो धान खरीदना चाहिए।
गुरुपेज सिंह, किसान चूरनी।
पीआर धान के गेटपास नही मिलने से गुस्साए किसानों ने मंडी में लगाया जाम
- मार्केट कमेटी कर्मचारियों ने बाहर की धान होने की बात कह कर नहीं दिए गेट पास
निसिंग। नई अनाज मंडी में सुबह किसान धान की फसल लेकर पहुंचे तो मार्केट कमेटी कर्मचारियों ने बाहर का धान बताते हुए उन्हें गेट पास देने से मना कर दिया। जिससे गुस्साए किसानों ने मंडी में कांटे के पास ट्रैक्टर ट्राली बीचोबीच खड़ी कर जाम लगा दिया। जिससे मंडी में आवागमन बंद हो गया।
देखते ही देखते ट्रालियों की कतारें लग गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रामकुमार व पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया और निसिंग ही नही पूरे करनाल जिला में पोर्टल बंद होने की बात बताई गई। किसान सुरेंद्र, नवदीप सिंह, सुनील, सतपाल व वचित्र सिंह, जयपाल का ने बताया कि उनकी पीआर धान अभी कटाई कर लाई गई है। जिसमें धान के दाने भी हरे हैं, वो तो यूपी का धान नहीं है। तो उसको भी गेट पास नहीं दिए जा रहे। किसानों को परेशान किया जा रहा है। ऊपर से गेहूं बिजाई का सीजन सिर पर है। वह अब उसकी तैयारी करें या मंडी में धान लेकर खड़े रहें। हालांकि बासमती धान का प्रवेश शुरू करवा दिया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
बाहरी धान के ट्रक पर लगाया जुर्माना
दो दिन पहले कमेटी कर्मियों ने गुनियाना रोड़ पर एक पैलेस के पास ट्रक के बैगों को ट्राली में खाली करते पकड़ा था। जिसे कमेटी ले जाया गया। जिससे फीस भरवाकर जुर्माना भी लगाया गया। जिससे 32 हजार की राशि जमा करवाई गई। सचिव ने बाहर के धान को मंडी में नही लाने की अपील की है। पकडे़ जाने पर फीस व जुर्माना लगाया जाएगा।
पोर्टल बंद के कारण गेटपास जारी नहीं किए गए। वहीं मंडी में खरीद भी बंद है। जब पोर्टल खुलेगा गेटपास जारी कर दिए जाएंगे। इससे पहले धान का सत्यापन किया जाएगा। बाहर का धान लाने वाले किसान को गेटपास नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन

- बलवान सिंह, मार्केट कमेटी सचिव
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें