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बिजली कटौती से हाहाकार, 20 फीसदी औद्योगिक उत्पादन घटना

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। भीषण गर्मी के बीच करीब चालीस फीसदी अधिक बिजली की मांग बढ़ चुकी है। इसके चलते अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है। इससे जनता ही नहीं, उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। करीब 15 से 20 प्रतिशत उत्पादन घट गया है। जिले की करीब 400 औद्योगिक इकाइयों में रोजाना करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है, इससे उद्योगपति भी चिंतित हैं। वहीं, शहर से गांव तक बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली की उपलब्धता और खपत में अंतर आने के कारण विद्युत व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है। आलम ये है कि हर रोज दिन और रात में कई घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। चौबीस घंटे विशेष आपूर्ति वाले औद्योगिक क्षेत्र में भी एक से पांच घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है। जिले भर में करीब 120 कृषि यंत्र उपकरण बनाने वाली इकाइयों के साथ-साथ 400 से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। कई के पास तो बड़े जनरेटर हैं, लेकिन कटौती के दौरान जनरेटर चलाने से महंगे डीजल के कारण उत्पादन लागत काफी बढ़ रहा है। जिनके पास इतने बड़े जनरेटर नहीं हैं, जो पूरी फैक्टरी संचालित कर सके तो उनकी इकाइयां बंद हो जाती हैं। इनमें से ऐसी कई इकाइयां है कि जिनके बॉयलर को गर्म करने में एक से दो घंटे तक का समय लगता है, तब तक यदि दूसरी बार बिजली कट जाती है तो फिर उन्हें फिर से बॉयलर गर्म करना पड़ता है, इस तरह उन्हें भारी औद्योगिक घाटा उठाना पड़ रहा है।
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15 प्रतिशत घटा उत्पादन
अघोषित बिजली कटौती से औद्योगिक क्षेत्र में भारी परेशानी है, करीब तीन से पांच घंटे तक ही हर रोज अघोषित कटौती की जा रही है। जिले भर में करीब 400 औद्योगिक इकाइयां हैं। जिनमें बड़े जनरेटर नहीं हैं, उनका उत्पादन तो ठप हो जाता है, जिनके पास बड़े जेनरेटर हैं, उनकी लागत काफी बढ़ जाती है। करीब 15 प्रतिशत उत्पादन घट गया है। विभाग को शीघ्र व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।
- रविंद्र ढल, प्रधान एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन करनाल
गांवों में इंडस्ट्री ज्यादा प्रभावित
बिजली कटौती का असर तो उद्योगों पर पड़ता ही है, शहर में तो कम लेकिन गांवों में जितनी भी इंडस्ट्री हैं, राइस मिल्स आदि हैं, वह सभी बिजली कटौती से प्रभावित हो जाते हैं। जब गांव में दिन में बड़ी कटौती होने लगी तो उन्होंने अपनी फैक्टरी में रात्रिकालीन शिफ्ट शुरू की लेकिन अब रात को भी कटौती होने लगी है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। समस्या का शीघ्र समाधान होना चाहिए।
मनोज अरोड़ा, प्रधान एचएसआईआईडीसी।
बढ़ता जा रहा संकट
बिजली कटौती का असर उद्योगों पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री को हिमाचल प्रदेश से बिजली खरीदकर हरियाणा को देनी चाहिए, क्योंकि वहां उपलब्धता अधिक है। बिजली का संकट लगातार बढ़ रहा है, यदि शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो संकट बढ़ सकता है, क्योंकि अब बिना बिजली के तो किसी भी उद्योग की परिकल्पना संभव नहीं है।
आरएल शर्मा, राज्य प्रधान, हरियाणा फार्मास्युटिकल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन
शीघ्र सुधरेगी व्यवस्था
बिजली की खपत में अचानक 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हो गई है, दो इकाइयों में भी उत्पादन प्रभावित है, इस कारण मांग और खपत में अंतर आ गया है, हालांकि दोनों इकाइयों का उत्पादन शीघ्र दुरुस्त होने की उम्मीद है। बिजली कटौती को भी कम करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है, शीघ्र व्यवस्था सुधर जाएगी।
सोमवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम करनाल
आज तीन घंटे का बिजली कट
करनाल। विद्युत उपकरणों के रखरखाव के क्रम में 22 अप्रैल को 11 केवी दयाल सिंह कॉलेज फीडर में कार्य किया जाना है। इस कारण दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। एसडीओ सिटी ने बताया कि इससे अशोक कॉलोनी, दयाल सिंह कॉलेज, ओल्ड जीटी रोड, लिंक रोड, मीनार रोड व जरनैली कॉलोनी क्षेत्र की बिजली प्रभावित होगी।
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बिजली कटौती पर जताई चिंता
करनाल। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में पूर्व प्रदेश सचिव पवन शाहपुर ने प्रदेश में बिजली, बेरोजगारी एवं महंगाई की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान शहरों और गांवों में लंबे बिजली कट लग रहे हैं। जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर इनके साथ राजेश अरोड़ा, सुलतान लाल कश्यप, राजेंद्र रोड, नवीन गर्ग, बाबूराम कश्यप, गोवर्धन, राजेंद्र सिंगला, प्रकाश सिंह, संदीप कुमार और काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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