माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी की ओर से क्लेम के दावे को खारिज करना सेवा में कमी माना है। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला देते हुए कंपनी को क्लेम के 68 हजार रुपये ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और मुकदमेबाजी का खर्च भी अदा करने को कहा है।
पानीपत के कृष्ण लाल ने आयोग में शिकायत की थी कि उन्होंने जनवरी 2023 को स्टार हेल्थ कंपनी की फैमिली हेल्थ पॉलिसी ली थी जिसमें उनके पुत्र को भी बीमा सुरक्षा मिली थी। अगस्त 2023 में पुत्र को तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत पर बेटे को करनाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर उपचार में 68,080 रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने क्लेम के लिए अगस्त 2023 को बीमा कंपनी में आवेदन किया था लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए दावा ठुकरा दिया कि दस्तावेज 15 दिन बाद दिए गए। इसके बाद उन्होंने आयोग में याचिका दाखिल की।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा और सदस्य विनीत कौशिक ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता ने समय पर कागजात जमा किए थे। बीमा कंपनी का यह कहना कि दस्तावेज देर से दिए गए, तथ्यों के विपरीत हैं। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 68,080 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 5,000 रुपये तथा मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 5,500 रुपये भी देने होंगे। आदेश 45 दिन के भीतर लागू करने को कहा गया है, अन्यथा नौ प्रतिशत ब्याज देना होगा।