माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए जा रही टीम का पीछा करते हुए एक आरोपी को टीम ने काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ के मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी ने जांच टीम की जानकारी ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाने के लिए छह व्हाट्सएप ग्रुप में लोकेशन डाली थी।
आरटीए के एमवीओ (मोटर व्हीकल अधिकारी) जसमेर सिंह ने बताया कि वे अपनी गाड़ी में एसआई बलदेव सिंह, एचसी राकेश कुमार व सिपाही दर्शन सिंह के साथ और मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के एएसआई राज सिंह दूसरी गाड़ी में सवार होकर जांच के लिए बलड़ी बाईपास से इंद्री रोड पर निकले थे। इस दौरान एक बाइक पर युवक ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया और अपने मोबाइल से संदिग्ध हरकत कर रहा था। अल्फा सिटी के गेट के पास बाइक सवार युवक को रोका तो पूछताछ में उसने अपना नाम मंदीप राठी वासी खरहर जिला झज्जर बताया लेकिन उनकी गाड़ी के पीछे आने का कारण नहीं बता पाया। जब उसका मोबाइल जांचा तो उसमें छह अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में जांच टीम की लोकेशन शेयर की हुई मिली।
भाईचारा और केकेआर वीआईपी लाइन नाम से ग्रुप
मोबाइल की जांच में पता चला कि आरोपी ने छह ग्रुपों में जांच टीम की लोकेशन शेयर की है। इनमें भाई-भाई, भाईचारा, शर्मा जी हेल्प लाइन, केकेआर वीआईपी लाइन, मालिक हेल्प लाइन और शिव महीना नाम से ग्रुप चलाए पाए गए। इनमें कई ट्रांसपोर्टर्स के वॉइस मैसेज भी मिले। जिनमें पैसों के लेन-देन की बात हुई है।