संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात सेवा केंद्र में दादी प्रकाशमणी के पावन स्मृति दिवस पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कहा कि दिव्यता की मूर्ति महान तपस्वी आध्यात्मिकता से परिपूर्ण दादी बचपन से ही दिव्य आभा से आलोकित थी। दादी जी की अलौकिक शक्ति को पहचानकर प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने दादी प्रकाशमणि जी व अन्य माताओं कुमारियों का संगठन बनाकर अपना सर्वस्व ईश्वरीय सेवा में समर्पित किया।
तब से दादी जी इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय की एक स्थापना-स्तम्भ के रूप में आध्यत्मिक ज्ञान और राजयोग को प्रस्तुत करने में एक अनुपम प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि दादी जी ने जिस प्रकार यज्ञ की वृद्धि की, मातृ स्नेह से सबकी पालना की, यज्ञ का प्रशासन जिस कुशलता के साथ संभाला, उसे कोई भी भुला नहीं सकता। दादी जी बाबा की अति दुलारी, सच्चाई और पवित्रता की प्रतिमूर्ति थी। दादी शुरू से ही यज्ञ के प्रशासन में सदा आगे रहीं। मौके पर ऋषि राज शर्मा, हरि कृष्ण नारंग, कप्तान आर के राणा, एडवोकेट महिंदर संधू, जगदीश कादियान, जगदीश चंद्र धीमान, के.बी मल्होत्रा, हरि कम्बोज, हर्षवर्धन भटनागर, रितेश विज, राजिंदर हांडा, सुरेश गोयल, राम निवास गर्ग, देवी बंसल, कृष्ण पाहवा, रामलाल कटारिया, सुरिन्दर भाई विमल गायत्री, दर्शन, सुनीता, रीटा मेहता स्नेह, कृष्णा कुमारी, कृष्णा कादियान, निर्मल बंसल व आशा गोयल आदि मौजूद रहे।