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अब हाथ में आया क्लासरूम, टैबलेट पर होगी पढ़ाई, डाटा भी मिलेगा

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सरकारी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का क्लास रूम अब केवल स्कूल का कमरा नहीं रहा, बल्कि उनके हाथ में आ गया है। वे 24 घंटों में जब चाहें तब पढ़ाई कर सकते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को टैबलेट देने का काम शुरू हो गया है। जिनमें विद्यार्थियों को रोजाना दो जीबी इंटरनेट पैक भी मिलेगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई आसानी से कर सकें और अभिभावकों पर इंटरनेट खर्च का बोझ न पड़े।
ई अधिगम कार्यक्रम के तहत जिले के सभी छह खंडों में आयोजन हुआ। पहले दिन स्थानीय विधायकों और सांसद ने कुल 1619 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए। जबकि राजकीय स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ रहे कुल 23700 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाने हैं। सभी के सिम कार्ड भी शिक्षा विभाग की ओर से एक्टीवेट करवा दिए गए हैं।
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करनाल खंड में रेलवे रोड स्थित राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति विद्यालय में हुए कार्यक्रम में कुल 285 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए। यहां सांसद संजय भाटिया ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। वहीं मेयर रेणू बाला गुप्ता, सीएम के प्रतिनिधि संजय बठला, भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, उपायुक्त अनीश यादव, जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी और स्कूल प्रिंसिपल मोहिंद्र विशेष रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान रोहतक में हुए मुख्य आयोजन और सीएम मनोहर लाल के संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया।
सीएम ने पूछा : कैसा देखते हैं बच्चों का भविष्य
रोहतक में मुख्य कार्यक्रम के दौरान सीएम मनोहर लाल ने विभिन्न जिलों के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद भी किया। करनाल की पीजीटी सुमन लता से सीएम ने बात की। मुख्यमंत्री ने पूछा कि बच्चों को टैबलेट मिलने के बाद आप उनका भविष्य कैसा देखती हैं, इस पर शिक्षिका ने जवाब दिया कि पहले विद्यार्थी क्लास रूम तक सीमित था। अब ग्लोबल विद्यार्थी कहलाएंगे, क्योंकि उनकी प्रदेश भर के शिक्षकों द्वारा जारी सामग्री से पढ़ाई होगी। कौशल तकनीक का जमाना है। सरकार का प्रयास विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगा।
कनेक्टिविटी में रही दिक्कत, नहीं देख पाए वीडियो
कार्यक्रम के दौरान सीधा प्रसारण की व्यवस्था में भी तकनीकी दिक्कतें रहीं। विद्यार्थियों को टैबलेट देने की जरूरत क्यों पड़ी, इस पर आधारित वीडियो रोहतक में दिखाई गई, लेकिन कनेक्टिविटी की दिक्कत के कारण बच्चे वीडियो नहीं देख पाए। इसके अलावा सीएम से संवाद के दौरान तीन बार प्रयास के बावजूद मुख्यमंत्री तक आवाज नहीं पहुंची। चौथे प्रयास में सीएम से शिक्षिका का संवाद हो पाया।
जन्मदिन पर सीएम ने उपहार लेने के बजाय दिया : सांसद
सांसद संजय भाटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने जन्मदिन पर उपहार लेने के बजाए सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों व अध्यापकों को टैबलेट वितरित करके उपहार दिया है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में एक डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है। इससे गरीब परिवारों के बच्चों के न केवल सपने साकार होंगे, बल्कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ विश्व स्तरीय जानकारियों को भी हासिल कर सकेंगे। कोरोना की चुनौतियों से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है। टैबलेट देने की जरूरत भी उस दौरान महसूस हुई थी।
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नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों को भी मिलेंगे टैब
उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत अब नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अगले वर्ष और 11वीं के विद्यार्थियों को इसी साल से टैबलेट वितरित करने की योजना बनाई है। आधुनिक शिक्षण अब केवल क्लासरूम, ब्लैक बोर्ड, ग्रीन बोर्ड आधारित नहीं रहा है, अब इसका स्वरूप बदल गया है। शिक्षक भी अब पढ़ाने में 100 प्रतिशत प्रदर्शन करें ताकि प्रत्येक विद्यार्थी सफल हाें।
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