संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पांच मई को बसताड़ा टोल पर पकड़े गए चार आतंकवादियों व उनसे बरामद आईईडी की जांच नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपे जाने के अगले ही दिन शुक्रवार को एनआईए की टीम करनाल पहुंच गई। करनाल पुलिस ने विधिवत रूप से जांच एजेंसी को सौंप दी। अब आतंकियों से संबंधित पूरी जांच एनआईए करेगी वहीं फर्जी आरसी मामले की जांच करनाल पुलिस करेगी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बसताड़ा टोल पर पकड़े गए आतंकियों की जांच एनआईए को सौंपे जाने का निर्णय कल ही ले लिया गया था। विभागीय आदेशों के क्रम में एनआईए की टीम शुक्रवार सुबह करनाल पहुंच गई। पिछले 22 दिनों के दौरान करनाल पुलिस द्वारा कराई गई जांच के विषय में पूरी जानकारी एनआईए टीम को दी गई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब जांच को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया है। आतंकियों की गिरफ्तारी व बरामद आईईडी की जांच एनआईए को दी गई है, लेकिन आतंकियों की कार से बरामद दो फर्जी आरसी के बाद जो बड़े नेटवर्क की परतें खुल रही हैं, इसकी जांच करनाल पुलिस ही पूरी करेगी।
दो कारों की फर्जी आरसी हुई थी बरामद
पांच मई को बसताड़ा टोल प्लाजा पर करनाल पुलिस ने पंजाब निवासी चार आतंकी गुरप्रीत, अमनदीप, भूपिंदर व परमिंदर को विस्फोटक सामग्री व हथियार के साथ पकड़ा था। इस दौरान इन आतंकियों से दो कारों की फर्जी आरसी भी बरामद हुई थी। इन आतंकियों को पुलिस रिमांड पर लेकर जिला पुलिस ने गहनता से पूछताछ कर ली है और इन आतंकियों के ठिकानों पर भी पुलिस लेकर गई थी। इससे अलग महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब, दिल्ली, यूपी की पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां भी आतंकियों से पूछताछ कर चुकी है। फिलहाल मुख्य आतंकी गुरप्रीत और उसके भाई अमनदीप पंजाब की फिरोजपुर पुलिस के रिमांड पर हैं। वहीं अन्य दो आतंकी अभी जिला जेल में बंद है।