करनाल। दिल्ली से अमृतसर जा रही शान-ए-पंजाब ट्रेन में शनिवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के पीएचडी छात्र विकास कुमार का बैग एक अन्य यात्री के बैग से बदल गया। बैग में 10वीं से स्नातक तक के सभी मूल प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज थे। करनाल स्टेशन पर बैग बदलने के बाद छात्र के होश फाख्ता हो गए। रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारियों ने रेलवे टीटी से गाड़ी का चार्ट लिया और पीएनआर नंबर से उनके साथ की सीट पर बैठे यात्री का मोबाइल नंबर लिया। पानीपत से बैग बरामद करने के बाद करनाल आरपीएफ चौकी में छात्र को सकुशल बैग लौटा दिया।
एनडीआरआई के छात्र विकास कुमार और नीला एम. पटनायक दिल्ली से करनाल आने के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। पानीपत में ट्रेन से उतरते समय उनके समीप बैठा यात्री गलती से उनका बैग लेकर चला गया। पटनायक ने बताया कि बैग में विकास की 10वीं, 12वीं, स्नातक और मास्टर डिग्री के मूल प्रमाणपत्र थे। आरपीएफ ने उनकी मदद की। आरपीएफ चौकी प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने उन्हें बैग सुपुर्द करते हुए भविष्य में अपने सामान को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी।