करनाल। तीन दिनों से बादलों की आंखमिचौली और बूंदाबांदी के बाद शनिवार को सुबह से शाम तक बारिश होती रही। दिनभर में करीब 17 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इससे शहर में जगह-जगह जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिनभर बूंदाबांदी के कारण सड़कों और बाजारों में भी आमदिनों की अपेक्षा सन्नाटा नजर आया। मौसम विभाग के अनुसार 10 जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील रहने का पूर्वानुमान है। इसके बाद 11 जनवरी से मौसम साफ होने की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि बादलों की आंखमिचौली और बूंदाबांदी का क्रम दो दिन और जारी रह सकता है। पिछले चार दिनों में 32.6 एमएम बारिश जिले में रिकार्ड की गई है। यह बारिश जहां गेहूं की फसलों के लिए अच्छी मानी जा रही है, वहीं सब्जियों को नुकसान होने की आशंका है। बारिश से जहां प्याज की रोपाई के कार्य को झटका लगा है, वहीं तैयार आलू की खोदाई का कार्य फिलहाल रुक गया है। ऐसे में अगर लगातार बारिश होती रही तो आलू की फसल को काफी नुकसान हो सकता है।
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11.6 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा ने बढ़ाई ठंड
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 16.6 और न्यूनतम 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की औसत गति सुबह 7.4 और दोपहर में 11.6 किलोमीटर प्रति घंटे रही। पिछले वर्ष जनवरी में पूरे महीने में 36.4 एमएम वर्षा हुई थी।
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तिथि वर्षा एमएम में
05 जनवरी 3.0
06 जनवरी 8.2
07 जनवरी 2.4
08 जनवरी 17.0
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फोटो-205
मूली में काली चिप्पी रोग लगने की आशंका
अगेती आलू की खोदाई का काम फिलहाल रुक गया है। ज्यादा बारिश के कारण मूली में काली चिप्पी रोग लगने का अंदेशा रहता है। इसके अलावा जनवरी के पहले सप्ताह से प्याज की रोपाई शुरू हो जाती है, जो रुक गई है। अब तक की बारिश से टमाटर, गाजर, पालक, हरी धनिया, मेथी, गोभी की फसलों को नुकसान नहीं हुआ है।
-- डॉ. सरदार सिंह, अध्यक्ष, नीलोखेड़ी किसान समूह (एफपीओ)