माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एनडीआरआई के वैज्ञानिकों की टीम ने गाजर की खल (पोमेस) से कैरोटेनयड्स निकालकर प्राकृतिक रंग विकसित किया। इससे बने पाउडर को दूध आधारित एक सुगंधित पेय में एक कार्यात्मक घटक के रूप में नियोजित किया है। इस उपलब्धि पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य अनुप्रयोगों के लिए पुरस्कार प्रदान कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है।
एनडीआरआई करनाल के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य अनुप्रयोगों के लिए गाजर जैव-अपशिष्ट से ग्रीन कैरोटेनॉयड्स का निष्कर्षण, लक्षण वर्णन और वितरण पर किए गए कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के मौके पर एफएसएसएआई मुख्यालय नई दिल्ली में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने टीम को पुरस्कार प्रदान किया था।
उन्होंने वैज्ञानिक सीनियर स्केल डॉ. नीलम उपाध्याय के नेतृत्व में पूरी टीम, जिसमें वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य डॉ. आशीष कुमार सिंह, प्रिंसिपल साइंटिस्ट और हेड, डीटी, डॉ. रविंदर मल्होत्रा और डॉ. गंगा सहाय मीणा सहित रिसर्च स्कॉलर स्वाति तिवारी, कुलदीप कांबले, हेमंत ठवकर, शैलेश कुमार मीणा शामिल रहे। डॉ. चौहान ने बताया कि इस पुरस्कार के तहत टीम को पांच लाख रुपये पुरस्कार राशि के रूप में मिले हैं।
कचरा समझकर फेंका दिया जाता था खल
गाजर से रस निकालने के बाद जो खल बचता है, उसे गाजर पोमेस कहा जाता है। इसे आमतौर पर कचरा समझकर फेंक दिया जाता है। इसमें कैरोटीनॉयड का एक अच्छा स्रोत होने के कारण इसे संभावित रूप से खाद्य शृंखला में शामिल किया जा सकता है। टीम ने इससे कार्यात्मक रंग निकालने और उसे खाद्य शृंखला में बदलने के लिए हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग किया है। टीम ने इस गाजर खल से पीले रंग के कैरोटेनॉयड्स का निष्कर्षण किया। विकसित पाउडर को दूध आधारित सुगंधित पेय में एक कार्यात्मक घटक के रूप में नियोजित किया, जो आम तौर पर पिए जाने वाले सुगंधित दूध की तुलना में बेहतर कार्यात्मक गुणों से परिपूर्ण है। इस शोध कार्य से तीन प्रौद्योगिकियां विकसित की गईं। पहली ओमेगा -3 समृद्ध टेबल स्प्रेड, दूसरी पीले रंग का प्राकृतिक कार्यात्मक रंग और तीसरी ओमेगा -3 समृद्ध पाउडर जो सीधे खाद्य उत्पादों में उपयोग किया जा सकता है। सभी प्रौद्योगिकियां व्यावसायीकरण के लिए तैयार एनडीआरआई प्रौद्योगिकियों में सूचीबद्ध हैं और कुछ व्यवसायी पहले से ही इन प्रौद्योगिकियों को खरीदने के लिए संपर्क कर रहे हैं।