संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ताइक्वांडो खिलाड़ी नायरा ने अपनी काबिलियत के दम पर नाम कमाया है। वह युवा खिलाड़ियों के लिए उभरती प्रतिभा की मिसाल पेश कर रही हैं। नायरा बहेती जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर पहुंचीं। फिर अपनी प्रदर्शन के बल पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
चैंपियंस अकादमी ऑफ ताइक्वांडो के मुख्य कोच मनीष कुमार ने बताया कि नायरा उनके पास महज पांच साल की उम्र में ही अभ्यास के लिए आ गई थीं। उन्होंने उसकी प्रतिभा को पहचाना और ताइक्वांडो के बेहतर दांवपेंच सिखाकर राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया। नायरा के पिता रितेश आईटी सेक्टर में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि अपनी बहन गौरांशी को देख नायरा को भी ताइक्वांडो का शौक लगा और वह पांच साल की उम्र में ही अभ्यास करने लगी थीं। निरंतर अभ्यास और जुनून से वह अपनी बड़ी बहन से भी बेहतर खिलाड़ी बनकर उभरीं। वह ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हैं।
उपलब्धियां
- 2026 में जयपुर में आयोजित द्वितीय फेडरेशन कप में कांस्य पदक जीता।
- 2025 में राज्य स्तरीय फ्यूचर स्टार्स ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
- 2025 में ही दूसरी हरियाणा ओपन स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया।
- 2025 में करनाल कप में कांस्य व फिट इंडिया कप में रजत पदक जीता।
- 2024 में इंटर स्कूल तीसरी ताइक्वांडो चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त किया।
- 2023 में तीसरी इंटर स्कूल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।