संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मोहित की मौत के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मोहित की मां की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। बुधवार रात से जहां परिजन और किसान 30 घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मांगों को लेकर अड़े रहे वहीं उनके साथ मोहित की मां भी मौजूद थी जो कि पूरी रात रोती रही। जिस कारण उसकी आंखें सूज गईं। इस दौरान कई बार वह बेहोश भी हुई।
शुक्रवार सुबह जब धरने पर भाजपा नेता सुभाष कश्यप पहुंचे तो उनका किसानों ने विरोध किया। इसके बाद भाजपा नेता समाज के अन्य लोगों को लेकर आया और फिर धरने पर बैठा। इस दौरान समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम में घुसकर शव उठाने का प्रयास किया, लेकिन डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। दूसरी ओर मृतक मोहित के पिता जगदीश, भाई रोहित, किसान नेता जगदीश औलख सहित अन्य डीसी से मिलने गए थे। डीसी से मांगों पर सहमति बनने के बाद शव को उठाया गया।
एडीसी ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्वासन
डीसी निशांत यादव ने परिजनों की मांगों को मान लिया था। इसके बाद एडीसी योगेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिजनों की जो मांग थी, वह मान ली गई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से परिजनों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही मृतक के भाई को उसकी योग्यता के आधार पर डीसी रेट की नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर सीएम से बात की जाएगी।