माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मनी लॉड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करनाल के महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अशोक कुमार मित्तल को गिरफ्तार कर चार दिन की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है।
ईडी अब इस मामले में आरोपी से पूछताछ करेगी। आरोपी पर बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर 155 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का भी आरोप है। ईडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी को पंचकूला में मनी लॉंड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए चार दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की थी।
अशोक कुमार मित्तल करनाल के टिंबर व्यापारी हैं। सीबीआई ने इस बड़े मामले में अशोक कुमार मित्तल व अन्य निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, लोक सेवक के आपराधिक कदाचार के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मामले की जांच शुरू की। ईडी का आरोप है कि महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अशोक कुमार मित्तल ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर करीब 155 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। उन पर लेटर ऑफ क्रेडिट की लिमिट को 21 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 195 करोड़ करने का भी आरोप है। इस लिमिट पर फर्जी तौर पर आयात करने का मामला प्रकाश में आया है।
ईडी का आरोप, व्यापारी ने किया गुमराह
ईडी का ये भी कहना है कि मित्तल ने जानकारी छिपाई है और गुमराह भी किया है। इसकी जानकारी सिंगापुर स्थित उसकी संबंधित संस्थाओं को भेजी गई है। जिसमें गलत तरीके से 155 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने और खुद को लाभ पहुंचाने की बात कही गई है। ईडी ने अशोक कुमार मित्तल को 23 मई को गिरफ्तार किया था।