गुरुओं के जीवन प्रकाश और बलिदान की गौरव गाथा हर व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए प्रदेश सरकार विशेष तौर पर कार्य करेगी। समाज के सहयोग से स्मारक, मार्शल आर्ट और संग्रहालय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की है। मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल में डेरा कार सेवा में पहुंचे थे। जहां पानीपत में होने वाले श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाशोत्सव को मनाने को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने 25 अप्रैल को होने वाले समागम में पहुंचने के लिए कर्ण नगरी की संगत को न्यौता भी दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मुगल शासकों ने देशवासियों पर बड़े अत्याचार किए, इन अत्याचारों से मुक्ति दिलवाने में गुरुओं के बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी पिछली सरकारों ने गुरुओं के बलिदान, संत-महात्माओं व ऋषि-मुनियों की विचारधारा को युवा पीढ़ी तक नहीं पहुंचाया।
अब सरकार ने संत महापुरुष विचार प्रसार योजना चलाई है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत महापुरुषों और गुरुओं की जयंती मनाने की एक परंपरा शुरू की है। बैठक में सेवा कार्य के लिए पद्म श्री अवार्डी जगजीत सिंह दर्दी, नगर निगम के संयुक्त निदेशक गगनदीप सिंह, पूर्व विधायक बख्शीश सिंह, टीटू सिंह, सरबजीत सिंह, जत्थेदार हरपाल सिंह, सेवादार गुलाब सिंह, योगी, निफा के चेयरमैन प्रीतपाल सिंह पन्नू ने भी सुझाव दिए। इस अवसर पर डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा सुखा सिंह, विधायक हरविन्द्र कल्याण, विधायक रामकुमार कश्यप, हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह धमीजा, अमरेन्द्र सिंह सहित गुरुद्वारा प्रबंधक, धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रधान मौजूद रहे।
युवाओं के लिए जरूरी हैं गुरुओं के उपदेश : खेल राज्यमंत्री
बैठक में खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को गुरुओं द्वारा दिखाए गए रास्ते को अपना कर इसे अपने जीवन में धारण करना होगा। युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में गुरुओं के उपदेश बहुत जरूरी हैं, क्योंकि आज का युवा जल्दी हार मान जाता है। बैठक में राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम ने कहा कि सिख कौम ने हमेशा बलिदान दिया है, सिख कौम त्याग और बलिदान की मूर्ति है।
23 को निकलेगा नगर कीर्तन, गुरु जी की शीश यात्रा भी दर्शाएंगे
सांसद संजय भाटिया ने समागम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि समागम से एक दिन पहले 23 अप्रैल को पानीपत में नगर कीर्तन निकलेगा। 20 अप्रैल से गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी की परंपरा तक कथा प्रदर्शित की जाएगी।
इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर जी की शीश यात्रा को भी दर्शाया जाएगा। पूरे प्रदेश में साउंड लाइट कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। समागम में भाई बलविंदर सिंह रंगीला, भाई चिमन लाल, चिमन जीत सिंह और दविंदर सिंह सहित अन्य रागी जत्थे आएंगे। विशेष दीवान सजाया जाएगा।