सीएम सैनी आगे बोले कि अच्छा लगा कि अमर उजाला परिवार इस प्रकार के इंसेंटिव देकर बच्चों की हौसला अफजाई करने का काम करता है। जब किसी बच्चे को मंच मिलता है तो वो अपनी प्रतिभा को दिखाता है। इससे उसके अंदर कुछ अच्छा करने की इच्छा होती है। जब बच्चा लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ता है तो उसकी कई समस्याएं अपने आप हट जाती हैं। अब आप लोगों को दिशा का चुनाव करना होगा कि आप क्या करना चाहते हैं। आप चिकित्सक, इंजीनियर या कुछ और बनना चाहते हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे अच्छा लगा कि आप लोगों के बीच यहां आया हूं, सरकार इस बात का ध्यान रखती है कि किस प्रकार युवाओं को आगे बढ़ाया जाए। सरकार ने पिछले दस वर्षों में जो काम किया है वो भी आपके सामने है। पहले के और अब के स्कूलों की तुलना की जा सकती है। हमारे सरकारी स्कूलों के जो टीचर हैं वो वर्ल्ड क्लास हैं, ऐसे टीचर तो आपको निजी स्कूलों में भी नहीं मिलेंगे।
सीएम सैनी ने कहा कि हमारा शिक्षा का स्तर ऊंचा हो इसको लेकर लगातार मॉनिटरिंग होती रहती है। हम जिस भी क्षेत्र के अंदर जाते हैं, उस क्षेत्र के अंदर एक मुकाम को हासिल करते हैं। आज हम इस शहर की बात करें तो कल्पना चावला को ही ले लें, हमारे हरियाणा देश का नाम ऊंचा किया। हरियाणा के अंदर पारदर्शी तरीके से नौकरी दी जा रही है। आज पर्ची सिस्टम खत्म हो गया है, आज युवाओं में इस बात का संतोष है कि मेरे साथ बेईमानी नहीं होगी। पहले बच्चा मेहनत करता था और मेहनत का फल नहीं मिलता था।
सीएम सैनी ने कहा कि एक विश्वास जगा है, एक विश्वास बढ़ा है। आज युवाओं में एक विश्वास है कि अब उनके साथ बेईमानी नहीं होगी। आज हमारे हरियाणा के युवा मेहनत के साथ पढ़ रहे हैं। हमने पूरे प्रदेश में एक रोडमैप तैयार किया है। हर बीस किलोमीटर के अंदर एक कॉलेज होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए एक साथ 35 कॉलेज खोले गए। कई महाविद्यालय खोले हैं। इस बात का ध्यान रखा गया कि बच्चियों को शिक्षा का बेहतर अवसर प्राप्त हो। सरकार चाहती है कि युवा साथी शिक्षित हों और प्रदेश का नाम ऊंचा करें।
सीएम सैनी ने आगे कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि पढ़ाई को लेकर मां-बाप पर भार न रहे और युवाओं को भी मौका मिले। हम कोशिश कर रहे हैं कि एक लाख अस्सी हजार रुपये से कम आय के परिवारों के लिए शिक्षा मुफ्त की जाए। हमारी कोशिश है कि एक भी बच्चा ऐसा न रहे जिसे शिक्षा प्राप्त न हो।
सीएम सैनी ने कहा कि समाचार पत्रों को भी पाठ्यक्रमों में शामिल करना चाहिए। विजय जी ने एक पत्र लिखकर हमसे कहा है कि हम इसका सम्मान करते हैं और हम इस पर जरूर विचार करेंगे। जय हिंद, जय भारत, जय भारती के साथ उन्होंने अपना संबोधन खत्म किया।
मेडल वितरण से पहले कुछ विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से सवाल किए। एक छात्रा ने पूछा कि आदर्श छात्र बनने के लिए क्या करना चाहिए। दूसरी छात्रा ने सवाल किया कि अंग्रेजी के बिना भी क्या आगे बढ़ा जा सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्कुल इसके बगैर भी आगे बढ़ा जा सकता है। हमें अपनी मातृ भाषा का भी ज्ञान हो सकता है।
एक छात्रा ने सवाल किया कि नीट जैसी परीक्षा लीक हो रही है इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे है? इस पर सीएम ने कहा कि सरकार का ध्यान इसकी ओर है। हम बोर्ड में भी अब क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू कर रहे हैं। इसके साथ ही सख्त कानून बनाए जा रहे हैं। हमारे यहां भी कुछ लोग प्रलोभन के कारण गलत कदम उठा लेते हैं और अगर कोई गलत कदम उठाएगा तो उसे सजा भी होगी।
अमर उजाला की ओर से ग्रुप एडिटर उदय कुमार सिन्हा ने कहा कि कल्पना चावला का नाम ही यहां के लिए और इस शहर के लिए काफी है। वह एक प्रेरणा का स्रोत हैं। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में आप बैठे हैं, यह एक गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में समाचार पत्र आया करता था। हमने तो हिंदी भी उसी से सीखी और अंग्रेजी भी, जब कि मैं तो गणित का छात्र हूं। मैं यह इसलिए आप लोगों से नहीं कह रहा कि मैं अखबार से जुड़ा हुआ हूं। यह मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं। आप लोग जहां भी होंगे अमर उजाला आपके साथ होगा।
कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में पहुंचे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष डॉक्टर वीपी यादव ने आयोजित इस कार्यक्रम के लिए जहां अमर उजाला अख़बार कि जमकर उन्होंने तारीफ की, वही उन्होंने कहा की यह कार्यकम विद्यार्थियों को एक नई दिशा देगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हुए कहा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, सफलता जरूर मिलती है विद्यार्थियों को निरंतर अपने लक्ष्य को निर्धारित कर आगे बढ़ते रहना चाहिए।