करनाल में नए वर्ष की तैयारियां अभी से होने लगी हैं लेकिन इस बार लोगों पर पड़ी महंगाई की मार नववर्ष पर खुलकर खर्च करने में आडे़ आ रही है।
महंगाई के कारण अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत दुनिया के किसी भी देश में रहने वाले भारतीय लोगों के बीच वर्ष 2014 के पहले हैपी न्यू ईयर पर अपनों की ओर से भेजे जाने वाले गुलाब के फूलों की खुशबू नहीं महकेगी। महंगाई के कारण आम लोग ऑनलाइन आर्डर बुक नहीं करवा पा रहे हैं।
ऑललाइन बुकिंग अब अमीर परिवार के लोगों की पहुंच तक सीमित हो गई है। पिछले कई वर्षों से विदेशों में रहने वाले भारतीय लोग बेहद खुशी देने के लिए अपने प्रेमी और परिचित लोगों को भारतीय गुलाब भेजते रहे हैं। विशेष तौर पर प्रेमी प्रेमिकाओं की ओर से भेजे जाने वाले गुलाब के फूलों के तोहफे इस बार विदेश भेजे जाने की उम्मीद कम ही है।
महंगाई ने लोगों के न केवल आंसू निकाल रखे हैं, बल्कि उनकी भावनाओं को भी कमजोर कर दिया है। शहर की क्लब मार्केट में नए वर्ष के प्रारंभ होने के एक महीना पूर्व बुकिंग का सिलसिला शुरू होता रहा है लेकिन इस बार पूरी मार्केट में मंदी का आलम दिख रहा है। नए साल के नाम पर फूल भेजने वाले लोग पैसा अधिक लगने की बात सुनते ही लौट जाते हैं।
पांच हजार से अधिक रुपयों पर पहुंचे दाम
शहर निवासी सुनील कुमार व सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि वे लोग भी इस बार अपने परिचितों को नए साल के अवसर पर फूलों का गुलदस्ता भेजना चाहते थे लेकिन भाव पता किया तो पांच हजार से कम नहीं है। इतना अधिक चार्ज झेलना हर किसी के बूते की बात नहीं।
उन लोगों ने अपना इरादा बदल दिया है। वे पांच हजार लगाकर गुलदस्ता भेजेंगे, इससे बेहतर ऑप्शन उन्होंने खोज लिया है। वे लोग अब अपनों को सीधा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 31 दिसंबर की रात में ठीक 12 बजे हैपी न्यू ईयर विश करेंगे। इसमें फेस टु फेस बात होगी और नए साल का सेलिब्रेशन भी बातों के जरिए अच्छा हो जाएगा।
अभी नहीं हुआ कोई ऑर्डर बुक
ऑनलाइन विदेशों में गुलाब भेजने का काम करनाल के क्लब मार्केट में करीब दस साल पहले प्रारंभ हुआ था। शुरुआती दौर में युवा वर्ग में इसके लिए बेहद क्रेज था। क्रेज अब भी बरकरार है लेकिन महंगाई की मार ने लोगों की कमर के साथ दिल तोड़ने का काम भी किया है।
दस साल पूर्व करीब ढाई हजार में जाने वाले गुलाब का 20 फूलों का गुलदस्ता अब फूलों की संख्या में घटने के साथ जहां 15 फूलों का रह गया है, वहीं, इसका खर्च बढ़कर अब दोगुने से भी अधिक होने के साथ साढे़ पांच हजार से छह हजार हो गया है। लोग पूछताछ करने आते हैं लेकिन महंगा होने के कारण मना कर जाते हैं।
हां, देश में किसी भी राज्य के लिए पांच सौ से छह सौ रुपये में बुकिंग की जा रही है। इसका अच्छा काम होने की उम्मीद है लेकिन विदेश में गुलदस्ता भेजने का काम मंदा हो चला है। यहां पचास, साठ ऑर्डर मिलते रहे हैं। इस बार मुश्किल से पांच ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
अभी तक कोई ऑर्डर बुक नहीं किया गया है। दिसंबर महीने के पांच दिन बीत गए हैं। पिछले सालों में दिसंबर के पहले दिन से ही बुकिंग होने के रिकॉर्ड रहे हैं।
संजय अरोड़ा, प्रोपाइटर, पिंडी फ्लावर्स, क्लब मार्केट, करनाल