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निशावन भुल्लर और गलव वडै़च पहुंचे शहीद संग्रहालय

Thu, 05 Dec 2013 10:48 PM IST
करनाल
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करनाल में पंजाबी फिल्मों के अभिनेता व गायक निशावन भुल्लर वीरवार को प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के शहीद संग्रहालय पहुंचे।
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निशावन भुल्लर व गलव वडै़च का संग्रहालय पहुंचने पर समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष बलजीत सल्याण, जिला अध्यक्ष संजय वर्मा, भगत सिंह रेजीमेंट के अध्यक्ष विनोद जैन, संरक्षक ओपी सचदेवा व विकास ढींगरा ने स्वागत किया।

भुल्लर ने शहीद संग्रहालय का अवलोकन किया। साथ ही शहीदे-आजम भगत सिंह समेत तमाम शहीदों के चित्रों के समक्ष नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भुल्लर ने ‘तेरी फोटो भगत सिंह क्यों नहीं लगदी नोटा ते’ गीत सुनाकर युवाओं को देश के प्रति भगत सिंह जैसा जज्बा दिल में भरने का संदेश दिया।
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उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हर युवा के हृदय में भगत सिंह समाए हुए हैं और युवा पीढ़ी चाहती है कि आने वाले समय में हमारी भारतीय मुद्रा पर भगत सिंह का चित्र अंकित हो। यह प्रसन्नता की बात है कि भारतीय मुद्रा के सिक्कों पर भगत सिंह के चित्र को स्थान दे दिया गया है।

उनके द्वारा अभिनीत पंजाबी फिल्म ‘नाबर’ को बेस्ट पंजाबी फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘सिकंदर’, ‘रंगीले’, ‘अज्ज दे रांझे’ आदि फिल्मों में भी अभिनय किया है। उनकी दो एल्बम ‘द फोक स्टार’ और ‘रिटर्न ऑफ द फोक’ स्टार काफी लोकप्रिय रही।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा गाए हुए देशभक्ति गीतों में ‘पिस्तौला वाले करदे फायर फिरंगी ते’ व ‘किसे-किसे कोल हुंदा जिगरा उद्यम सिंह जेहा।’ पंजाबी गायक गलव वडै़च ने कहा कि उनकी पंजाबी एल्बम ‘सौं तेरी व पेशन रिलीज हो चुकी हैं’, जिसको काफी लोकप्रियता मिली।

उनके द्वारा गाया एकल गीत ‘हथ जोडे़या कोई नी देंदा सौणया उद्यम सिंह जेहा पिस्टल डब विच रख सौणया’ काफी लोकप्रिय है। मौके पर सुनील कुमार ठोलू, सर्वजीत थिंद, हरकर्ण सिंह, वकेंद्र घुम्मन व बेअंत सिंधु उपस्थित थे।

यूनिवर्सिटी टॉप टेन में राजकीय कॉलेज की दो होनहार
करनाल शहर के सेक्टर 14 स्थित राजकीय पीजी कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की दो छात्राओं ने बीएमसी के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में टॉप टेन में पहला स्थान हासिल कर महाविद्यालय का नाम विश्वविद्यालय में रोशन किया है।

यूनिवर्सिटी की ओर से घोषित बीएमसी प्रथम सेमेस्टर परिणामों की मेरिट लिस्ट में महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की छात्रा विभा और इशप्रीत कौर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर वाहवाही लूटने के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस परीक्षा में 500 में से 341 अंक प्राप्त कर पहले स्थान पर कब्जा किया है।

उनकी इस उपलब्धि पर प्राचार्या सुमित्रा चावला ने मुंह मीठा कराया और बधाई देते हुए छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मौके पर विभाग की प्राध्यापक रश्मि सिंह, अभिषेक गोयल और दिनेश गुप्ता ने भी छात्राओं को बधाई दी। दोनों छात्राओं ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और प्राध्यापकों के मार्गदर्शन को दिया।

छात्रा विभा ने कहा की वह न्यूज एंकर बनना चाहती हैं और इशप्रीत ने कहा कि वे प्रिंट मीडिया में रिपोर्टर बनना चाहती हैं। रिपोर्टर ही वह व्यक्ति है, जो अपनी जान जोखिम में डाल कर सच्चाई को जनता के सामने लाता है।  

‘डांस इंडिया डांस’ के अंतिम दस में पहुंचे मनन सचदेवा
तरावड़ी से एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित करते हुए मनन सचदेवा ‘डांस इंडिया डांस’ के अंतिम दस प्रतिभागियों में पहुंचने में कामयाब हो गए है।

सचदेवा के अंतिम दस प्रतिभागियों में पहुंचने के बाद उन्हें खिताब का प्रबल हकदार माना जाने लगा है। पिछले सप्ताह वे अंतिम बारह में पहुंचे थे लेकिन सोमवार को अंतिम दस के लिए हुए मुकाबले में वे अपना दम दिखाने में कामयाब रहे और उनके डांस को देखकर कार्यक्रम के जज मिथुन चक्रवर्ती ने भी दांतों तले उंगली दबा ली।

इस मुकाबले का गवाह बनने के लिए मनन के पिता चंद्रप्रकाश को भी मुंबई बुलाया गया था। अंतिम दस में पहुंचने की खबर उनके पिता चंद्रप्रकाश ने ही अपने परिजनों को फोन पर दी। मनन की इस उपलब्धि से उनके घर व पड़ोस में खुशी का माहौल है।

जिस तरह से एक टेलर मास्टर के घर पैदा होकर मनन ने अपना व पूरे शहर का नाम देश में रोशन किया है, उससे पूरे शहर की दुआएं भी अब उनके साथ हैं। प्रताप स्कूल, जिसमें मनन ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं, उसकी प्रिंसिपल गुरविंदर चावला का कहना है कि मनन में डांस के प्रति एक जनून शुरू से ही है और यही कारण है कि स्कूल का प्रतिनिधित्व कर हर डांस प्रतियोगिता में उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया है।
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उनका कहना है कि उन्होंने इसकी डांस के प्रति लगन देखकर उनकी पढ़ाई में की जाने वाली गलतियों को भी हमेशा माफ किया। प्रिंसिपल के साथ-साथ स्कूल के सभी सहपाठियों की इच्छा और भगवान से प्रार्थना है कि वे अब ‘डांस इंडिया डांस’ का खिताब जीतकर ही शहर लौटें।
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