माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पटवारी और कानूनगो की हड़ताल से लोग परेशान हैं। लोगों का घर का सपना भी अटक गया है। बैंक की मांग पर लोग संपत्ति के इंतकाल और जमाबंदी नहीं दे पा रहे हैं, इससे उनके ऋण की स्वीकृति रुक गई है। इससे 210 रजिस्ट्री अटकी हुई हैं।
पिछले दो दिनों से पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर हैं। पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान कश्मीर सिंह के अनुसार, 1200 से ज्यादा जमाबंदी नकल, 3500 से ज्यादा इंतकाल और 500 से ज्यादा डोमिसाइल व अन्य प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाए हैं। तीसरे दिन यानी बुधवार को भी हड़ताल है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
जिले की सभी तहसालों में रोजाना 250 से ज्यादा रजिस्ट्री होती हैं, इनमें आधी से ज्यादा रजिस्ट्री में लोग संपत्ति पर ऋण कराते हैं। बैंक लोन देने से पहले प्रॉपर्टी चैन (संपत्ति के पिछले मालिकों का विवरण) और लोन आदि के बारे में जांच करती है। इसकी जानकारी इंतकाल और जमाबंदी से मिलती है। इनको पटवारी से सत्यापित कराकर बैंक में जमा कराना होता है, इसके बाद ही लोन स्वीकृत हो पाता है।
कई मामलों में लोन पहले स्वीकृत कर दिया जाता है मगर रजिस्ट्री के समय पर इंतकाल और जमाबंदी की सत्यापित प्रति जमा करानी जरूरी होती है। पटवारियों की हड़ताल होने के कारण लोग सत्यापित प्रति जमा नहीं करा पा रहे हैं और न ही तहसील से इनकी प्रति निकालकर दी जा रही है। ऐसे में जिले की विभिन्न तहसीलों से 210 रजिस्ट्री समय पर लोन न होने के कारण अटक गई हैं।
लोगों की पीड़ा
- बसंत विहार की पूजा ने बताया कि वह अपनी दादी के नाम पर फर्द निकलवाने के लिए पटवारखाने में आई थीं। यहां पर पटवारी नहीं मिले। ताला जड़ा था। उनका लोन अटका हुआ है।
- काछवा के कश्मीर सिंह ने बताया कि उन्होंने कृषि उपकरण लेने हैं। विभाग को सब्सिडी के लिए पटवारी की रिपोर्ट देनी होती है लेकिन पटवारी नहीं मिलने से उनकी फाइल अटक गई।
- फूसगढ़ निवासी ओम ने बताया कि उन्होंने एकता कॉलोनी में 75 गज का मकान खरीदना है। नवंबर माह में एक लाख रुपये एडवांस दे दिए थे। बयाने की वैधता खत्म हो रही है। बैंक ने जमाबंदी की पटवारी से सत्यापित प्रति मांगी है।