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प्रधानमंत्री का ऑनलाइन संवाद सुना

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करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र में नववर्ष पर जिले के किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसान कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि फसल अवशेष से जैव ईंधन, गोबर गैस से उत्तम खाद बनाने के साथ-साथ पशुधन का घर पर इलाज, कृत्रिम गर्भाधान, कामधेनु योजना, डेरी ढांचा तथा एक जनपद-एक उत्पाद के विषयों पर भी संवाद किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों के परिवारों की विभिन्न प्रकार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 20 हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। प्रधानमंत्री ने लगभग 351 किसान उत्पादक संगठनों को 14 करोड़ से अधिक का इक्विटी अनुदान भी जारी किया। इससे 1.24 लाख से अधिक किसानों को लाभ प्राप्त होगा। संस्थान के निदेशक डा. मनमोहन सिंह चौहान के निर्देशन में वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नति एवं खुशहाली के गुर बताए। संयुक्त निदेशक डा. धीर सिंह ने बताया कि छोटे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना साल 2018 में शुरू की गई थी। योजना के तहत देश के लघु एवं सीमांत श्रेणी के लगभग 82 फीसदी कृषकों को सशक्त बनाना है।
इस मौके पर केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. पंकज कुमार सारस्वत, डा. रमेश चंद्र, डा. राजकुमार, डा. नीलम उपाध्याय, डा.योगेश कुमार, डा. जितेंद्र सिंह राणा, डा. राकेश टोंक, मुनीश लहरवान, दीपा कुमारी, अरुण कुमार, सतीश मीना, बलदेव सिंह, कुमारी ममता, आलम चौहान के अलावा जिले के महिला व पुरुष किसान मौजूद रहे।
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