घरौंडा/ मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने शनिवार को गांव बेगमपुर में अवैध रूप से चल रहे एक शराब के ठेके पर छापा मारा। यहां से उन्होंने भारी मात्रा में शराब की पेटियां बरामद की है और ठेके के कारिंदे को हिरासत में लिया। इस मामले में गांजबढ़ के एक व्यक्ति पर केस दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम को शनिवार को बेगमपुर में बेरी उद्योग के पास अवैध शराब का ठेका होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम के इंचार्ज राजेंद्र सिंह, आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश सैनी व मूनक पुलिस की टीम ने शराब के ठेके पर छापा मारा। यहां से पुलिस को ढाई पेटी अंग्रेजी शराब, दो पेटी देसी शराब व डेढ़ पेटी बीयर बरामद की। ठेके पर मौजूद कारिंदे से लाइसेंस मांगा गया तो वह दिखा नहीं सका। इस पर आबकारी विभाग की टीम ने शराब की पेटियों और ठेके के कारिंदे को हिरासत में ले लिया। आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश सैनी ने बताया कि बिना किसी मंजूरी के ठेका चलाया जा रहा था। यहां पर अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी की गई है और मौके से भारी मात्रा में मिली शराब की बोतलों को कब्जे में ले लिया गया है। गांजबढ़ निवासी जयभगवान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
छापे के बाद इंद्री में भी चले रहे है ठेके
इंद्री कस्बे में भी अवैध रूप से दो शराब के ठेके चल रहे हैं। इनमें से एक ठेके पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने छापा मारकर सील भी किया था लेकिन बताया जा रहा है कि अलग दिन ही वह ठेका दोबारा शुरू कर दिया है। इस बारे में आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी पता है लेकिन उसके बावजूद भी उसपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
तीन लाख रुपये की फीस बचा रहे हैं।
शराब के छोटे ठेके सब वेंड के लिए शराब ठेकेदार को तीन लाख रुपये की फीस जमा करानी होती है लेकिन शराब ठेकेदार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर बिना फीस भरे अवैध रूप से यह शराब के ठेके चलाते हैं। अगले महीने दोबारा शराब के ठेकों के टेंडर होने हैं।