प्रेम नगर सरकारी स्कूल में बच्चे अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। कारण बिजली का बिल नहीं भरने के कारण यहां का बिजली कनेक्शन निगम ने काटा हुआ है। स्कूल में बिजली न होने के कारण कंप्यूटर लैब भी बंद है तो वहीं स्कूल के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। गर्मियों में तो बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ा लिया जाता था, लेकिन अब बढ़ती ठंड के कारण बच्चों को अध्यापक बाहर नहीं बैठा सकते। वहीं, क्लास रूम में बिजली न होने के कारण अंधेरा रहता है। बच्चों को न अपनी किताबों में कुछ दिखाई देता है तो वहीं न ही अध्यापक द्वारा ब्लैक बोर्ड पर लिखा हुआ। ऐसे में करीब 550 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस ओर न जिला प्रशासन का ध्यान है और न ही शिक्षा विभाग का।
दो साल से पेंडिंग है करीब 3.25 लाख रुपये बिल
प्रेम नगर के सरकारी स्कूल का बिजली बिल करीब दो साल से पेंडिंग है जो करीब 3.25 लाख है। बिजली का बिल न भरने के कारण बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। स्कूल की तरफ से बकाया बिल को लेकर कई बार आला अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकाला गया।
सीएम वोट डालने आये थे तो चालू कर दिया था कनेक्शन
बिजली निगम ने कई महीने पहले ही बिजली का कनेक्शन काट दिया था, लेकिन चुनाव के दौरान उन्होंने 15 दिन के लिये बिजली का कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया था क्योंकि सीएम मनोहर लाल का वोटिंग बूथ इसी स्कूल में है। वह इस स्कूल में वोट डालने आये थे। इस कारण बिजली निगम ने स्कूल का बिजली कनेक्शन 15 दिन के लिये जोड़ दिया था।
जनरेटर से तेल डालकर चलाते हैं कुछ समय के लिये
अध्यापकों का कहना है कि वह खुद रुपये एकत्रित कर जनरेटर में तेल डालकर कुछ समय के लिये चलाते हैं। जिससे स्कूल में कंप्यूटर चलाकर पेंडिंग बिल सहित अन्य कार्य कर लेते हैं। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी को भी पता है लेकिन जब बजट आयेगा तभी बिल भरा जायेगा।
यह स्कूल स्तर का मामला है। बजट आने के बाद ही बिजली का बिल भरा जा सकेगा। इस बारे में वह प्रिंसिपल से दोबारा बात करेंगे। साथ ही कोशिश करेंगे कि जल्द ही विद्यार्थियों की समस्या का समाधान हो सके।-चंद्रेश विज, बीईओ करनाल।