निगम कार्यालय में कोई काम करवाने पहुंचने पर सक्षम युवाओं की टीम पहले आपका स्वागत करेगी। साथ ही आपसे से आपके काम की जानकारी लेकर सहयोग करेगी। बुजुर्ग व महिलाओं के काम करवाने के लिए टीम के सदस्य खुद लाइन में भी लगेंगे। इतना ही नहीं काम पूरा होने के बाद फोन करके सूचना भी दी जाएगी।
इसके लिए नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को निगम के सिटी फेसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) का दौरा कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया और यहां आने वाली जनता की सहूलियत के लिए एक हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्णय लेकर उसकी व्यवस्था कर दी। उन्होंने बताया कि सक्षम युवाओं को कौन सा काम किस खिड़की पर और कैसे होगा, इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है। सक्षम युवा हेल्प डेस्क पर ड्यूटी के लिए दो शिफ्टों में बैठेंगे, जो 10-10 की होगी। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 1 बजे तक और दूसरी 1 बजे से सांय 5 बजे तक रहेगी। सभी सक्षम युवा एक विशेष ड्रेस में रहेंगे। इस पर नगर निगम का लोगो लगा होगा। सक्षम युवाओं को यह भी कहा गया है कि यदि उन्हें किसी काम को लेकर कठिनाई पेश आए, तो वे मार्गदर्शन के लिए संबंधित नागरिक को लेकर डीएमसी या आयुक्त को भी मिल सकते हैं, ताकि समस्या का निदान हो सके। भविष्य में निगम की सीएफसी में आने वाले नागरिकों को टोकन देने की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है।
टैक्स व बिल भरने आते हैं शहरवासी
हर रोज निगम कार्यालय में बड़ी संख्या में नागरिक प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, डोमीसाइल, लेट सर्टिफिकेट की फाइल और पानी का बिल भरने जैसे कामों के लिए आते हैं। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि कई बार नागरिक जिनमें सीनियर सिटीजन और महिलाएं होती हैं। जानकारी के अभाव में कर्मचारियों के साथ ऊंचा बोल जाते हैं। इससे बिना वजह व्यवस्था पर आंच आती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
हर गतिविधि को रजिस्टर में करना होगा दर्ज
हेल्प डेस्क पर बैठे सक्षम युवा ऐसे लोगों का फार्म भरेंगे। जिन्हें खुद लिखना-पढ़ना नहीं आता। वरिष्ठ नागरिक और बच्चे वाली महिला को प्राथमिकता पर अटेंड कर उन्हें बैठने के लिए कहेंगे। इसके लिए कुर्सियों की व्यवस्था भी कर दी गई है। ऐसे नागरिकों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं है, सक्षम युवा ही लाइन में लगकर उनका काम करवाएंगे। दिनभर की गतिविधि का रजिस्टर मेंटेन करना होगा। इसमें प्रतिदिन यहां आने वाले नागरिकों का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें किस-किस काम के लिए कितने नागरिक आए। व्यवस्था व सहूलियत को लेकर उनका क्या अनुभव रहा। सभी बातों का जिक्र भी रजिस्टर में किया जाएगा। संस्था या कॉर्पोरेट में काम करने वाले कर्मचारी वास्तव में जनता के सेवक होते हैं।