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Lawrence Bishnoi: जेल में रहकर गिरोह को मजबूत करता रहा लॉरेंस; सलमान को धमकी देने में भी आया नाम; पुलिस अलर्ट

Wed, 28 Jun 2023 09:34 AM IST
शाहरुख खान संजू कुमार, अमर उजाला, करनाल

सार

लॉरेंस बिश्नोई ने जेल में रहकर भी अपने आपराधिक गिरोह को मजबूत करता रहा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बाद देश-विदेश में जाल फैला दिया है। मूसेवाला की हत्या और सलमान खान को धमकी देने में भी लॉरेंस का नाम आया है। जीटी बेल्ट में गुर्गों की धरपकड़ के लिए आईजी ने स्पेशल टीमें बनाई हैं। केंद्रीय एजेंसी एनआईए भी जांच पड़ताल कर रही है। कई बार छापामारी की गई है।
 
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Lawrence Bishnoi - फोटो : Social Media
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विस्तार
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छात्र जीवन से ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला लॉरेंस बिश्नोई अब देश के मोस्ट वांटेड दाउद के नक्शे कदम पर है। खासतौर से पंजाब के बाद हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई के अपराध की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। इन राज्यों के अलग-अलग जिलों में आए दिन लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने की घटना आम हो चुकी है। 
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जीटी बेल्ट में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर सोमवार को करनाल रेंज के आईजी सतेंद्र कुमार गुप्ता ने भी बैठक की। साथ ही लारेंस गैंग के गुर्गों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए। इसके तहत पुलिस की स्पेशल टीमें बनाकर बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है। साथ ही सख्ती के साथ कार्रवाई की तैयारी है।

पंजाब निवासी लॉरेंस बिश्नोई आज अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है। महज 31 साल की उम्र में उसके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे पहले वर्ष-2011 में चंडीगढ़ छात्रसंघ चुनाव में हार के बाद विजेता उम्मीदवार पर फायरिंग के बाद चर्चाओं में आए लॉरेंस बिश्नोई ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक गैंगस्टरों से हाथ मिला अपनी ताकत को लगातार बढ़ाता चला गया। 
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अपराध की दुनिया से ही करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने वाले गैंगस्टर लॉरेंस जेल में रहकर भी अपना आपराधिक नेटवर्क लगातार बढ़ता गया, जो अब न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी फैल चुका है। सूत्रों के अनुसार, लारेंस के गिरोह में 500 से अधिक शूटर हैं, जो उसके एक इशारे पर जान लेने के लिए तैयार रहते हैं। यही कारण है कि अब वह पुलिस-प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है। 

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लारेंस के नेटवर्क को खंगालने में एनआईए भी जुटी हुई है। यमुनानगर, अंबाला सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों में एनआईए की ओर से छापामारी भी की गई है। पंजाबी सिंगर सिद्दू मूसेवाला की हत्या और फिर सुपर स्टार सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने के मामले में सुर्खियों में आए लॉरेंस बिश्नोई की हरियाणा में जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। 

जीटी बेल्ट के अंबाला, यमुनानगर, करनाल आदि जिलों में भी लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करने वाले करीब 13 सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं, जो कि कारोबारी, आढ़ती, सेलिब्रिटी और नेताओं को निशाना बना रहे हैं। हरियाणा में गिरोह की सक्रियता को देखते हुए पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आईजी के निर्देश पर गैंग से जुड़े गुर्गों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम गठित की गई है, ताकि गैंग से जुड़े सदस्यों को काबू किया जा सके।

अमेरिका में बैठकर अमन सांभी चला रहा गैंग
करनाल पुलिस ने कुछ दिनों पहले बीर सिंह को गिरफ्तार कर भारी संख्या में हथियार बरामद किया था। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया था कि बीर सिंह अमन सांभी गैंग का सदस्य है, जो कि हत्या के मामले में जेल से जमानत के बाद अमेरिका चला गया था। सांभी गैंग का ही गैंगस्टर अंकुश कमालपुर और मुकेश जांबा है, जो इन दिनों जेल में बंद है। बताया जाता है कि यह सदस्य लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करते हैं।

अंबाला में पकड़े गए लॉरेंस के कई शार्प शूटर
- 25 जुलाई 2022 को अंबाला पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के चार शूटरों को काबू किया था और तीन पिस्टल तथा 22 कारतूस बरामद किए थे। धरे गए आरोपी आदर्श नगर थाना गोरखपुर कैंट यूपी, गांव बब्याल (अंबाला), विश्वकर्मा नगर अंबाला कैंट, न्यू प्रीत नगर टांगरी बांध अंबाला कैंट के थे।
 

- पांच जनवरी 2023 को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्प शूटर और तीन रेकी करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अंबाला में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद सीआईए ने शार्प शूटर को पंजाब और बाकी तीन अपराधियों को हथियार, स्विफ्ट गाड़ी व बाइक के साथ गिरफ्तार किया था।

- नौ मई 2023 अंबाला में आम आदमी पार्टी नेता मक्खन सिंह लबाना के घर पर गोली चलाने के मामले में एसटीएफ अंबाला ने लारेंस बिश्नोई गैंग के ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

काला राणा ने भी लारेंस बिश्नोई से मिलाया हाथ
कुख्यात गैंगस्टर काला राणा ने साल 2013 से अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उस पर हत्या और हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज हुए। वर्ष 2014 में जेल से बाहर आने के बाद वह अंबाला के थंबड निवासी मोनू राणा के साथ रहने लगा था। इसी दौरान दोसड़का बराडा मार्ग पर काला राणा और मोनू राणा ने भूपेंद्र राणा एवं उसके साथियों पर गोलियां चलाई थी। जिसमें भूपेंद्र गुट के मुश्ताक की मौत हुई थी। 

 

इसके बाद अंबाला जेल में उसे लारेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी का साथ मिला। वर्ष 2017 में उसे सभी केसों में जमानत मिल गई। इसके बाद वह कोर्ट में पेश न होने के कारण भगोड़ा घोषित हो गया। उस पर अंबाला में चार, यमुनानगर में 19, कुरुक्षेत्र में चार और फतेहाबाद में भी हत्या, छीनाझपटी, लूट के कई मामले दर्ज हुए हैं।
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गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। बदमाशों पर सख्ती करने के लिए एसपी के साथ बैठक की गई है, ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। बदमाशों को चिह्नित कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है।-सतेंद्र कुमार गुप्ता, आईजी करनाल रेंजध्यान देना चाहिए।
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