पराली से एथेनॉल और बायो सीएनजी-पीएनजी बनाने के 135 प्रोजेक्ट प्रक्रिया में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पराली से एथेनॉल और बायो सीएनजी-पीएनजी बनाने के 135 प्रोजेक्ट प्रक्रिया में हैं जबकि 26 प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है। खुशी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट हरियाणा में हैं। पांच टन पराली से एक टन बायो सीएनजी तैयार होती है। चावल, मक्के, बांस और गन्ने के जूस से भी एथेनॉल बनती है।
अगस्त में फ्लैक्स इंजन देश में लॉन्च होंगे, अब लोग एथेनॉल से चलने वाले वाहन ही लें
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मारुति सुजूकी एवं टोयोटा की कार, बजाज और हीरो के स्कूटर, बाइक और ऑटो में जल्द ही एथेनॉल से चलने वाला फ्लैक्स इंजन आने वाला है। टोयाटा की कैबरली कार एथेनॉल से चलेगी। अगर एथेनॉल से वाहनों के संचालन पर कीमत की बात करें तो ईंधन का खर्च 15 रुपये प्रति लीटर पहुंच जाएगा। इन वाहनों को इस वर्ष अगस्त में लांच किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि फ्लैक्स इंजन वाले वाहन खरीदें। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में बायो सीएनजी से चलने वाली स्कैनिया की बस भी शुरू की गई है।
सीएम से ऊर्जा वाली खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित करने का आग्रह
नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आग्रह किया कि किसानों को ऊर्जा वाली खेती करने के लिए प्रेरित करें। गेहूं, चावल और गन्रे की खेती के साथ ही एनर्जी क्रॉप भी लगाएं, जिससे बायो सीएनसी, बायो पीएनजी तैयार की जा सके। साथ ही नैपियर घास की भी खेती करें। इस घास के जरिए हाइड्रोजन बनता है। गडकरी ने बताया कि उनके पास हाइड्रोजन से चलने वाली कार है, जिसमें धुआं नहीं निकलता और आवाज भी नहीं होती। इसमें मैं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल बैठे भी हैं। हाइड्रोजन से चलने वाली इस कार का नाम भविष्य है।