गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में रविवार को एक ओंकार मीडिया की ओर से कीर्तन दरबार आयोजन किया गया। डेरा कर सेवा प्रमुख बाबा सुखा सिंह, इंटरनेशनल सिख फोरम और सिख संस्थाओं के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में गुरु ग्रंथ साहिब जी प्रकाश कर हैंड ग्रंथी अमृतपाल सिंह ने अरदास करवा कीर्तन का शुभारंभ करवाया।
धन दारा संपत्ति सकल, जिनि अपनी करि मानि..., इन में कुछ संगी नहीं, नानक साची जानि... शबद गाकर गुरु की महिमा का बखान किया गया। गुरमत समागम में गुरु तेग बहादुर जी के 15 रागों में उच्चारित 59 शब्दों व 57 श्लोकों का कीर्तन हुआ। संपूर्ण बानी का सार रूप कथा सिंह साहिब ज्ञानी हरपाल सिंह, फतेहगढ़ साहिब वालों ने प्रस्तुत किया।
सचखंड श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई भूपिंदर सिंह, हजूरी रागी भाई जबरतोड़ सिंह के साथ गुरदेव सिंह ऑस्ट्रेलिया वाले व भाई जगमोहन सिंह पटियाला वाले गुरु कीर्तन कर संगत को निहाल किया। डेरा कार सेवा से गुरसेवक सिंह ने बताया कि गुरु का लंगर अटूट चला। भाई चरणजीत सिंह गुरु गोबिंद सिंह जी की निशानियां लेकर पहुंच थे। श्रद्धालुओं ने गुरु की निशानियों के दर्शन किए।
गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में आयोजित कीर्तन दरबार में गुरु की महिमा का गुणगान करते रागी। संवाद