जल्द विदेश नहीं जा सका तो एक युवक ने नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। आरोप है कि एजेंट उसे विदेश भेजने में देरी कर रहा था, परिजनों ने भी बेटे से 15 दिन का इंतजार करने के लिए कहा मगर वह नहीं माना। इसको लेकर विवाद हो गया और युवक ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय मोहित 10वीं पास करने के बाद बिजली ठीक करने का काम करता था। वहीं, वह वर्क परमिट से विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने एजेंट को लाखों रुपये दिए थे, लेकिन वह लंबे समय से टरका रहा था। 17 सितंबर की शाम को मोहित जल्द विदेश जाने की जिद पर अड़ गया।
परिजनों ने उससे 15 दिन का इंतजार करने को कहा, लेकिन वह नहीं माना और परिजनों से झगड़ा हो गया। जिसके बाद आक्रोशित युवक पशु डेरे पर पहुंच गया और वहां पर जाकर खूंटी पर कपड़े टांग दिए। उसके बाद जोहड़ के पास बेल्ट फेंकी। बाद में पश्चिमी काछवा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था मोहित
परिजन इकलौते बेटे के लिए कई सपने देख रखे थे। उन्हें उस पल का इंतजार था, जब उनका बेटा विदेश पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियां खुद संभालेगा और सुखमय भविष्य की राह पर आगे बढ़ेगा। इसके लिए उन्होंने खर्चाें में कटौती करके पूंजी का इंतजाम किया था मगर उसने यह कदम उठा लिया। परिवार में मोहित तीन बहनों का इकलौता भाई था। इस घटना से परिवार सदमे में है।