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Karnal News: करनाल-यमुनानगर राजमार्ग खस्ताहाल, हादसों का खतरा

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करनाल-यमुनानगर राजमार्ग पर गड्ढे और सफेद पट्टी की कमी के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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इंद्री। करनाल-यमुनानगर राजमार्ग पर गड्ढे और सफेद पट्टी की कमी के कारण हादसों का खतरा बढ़ने लगा है। राजमार्ग पर धुंध में सफेद पट्टी न होने के कारण वाहन चालकों को रास्ते का पता नहीं चल पाता और हादसा हो जाता है। ऐसी स्थिति में यह पट्टी ही चालकों का सहारा है।
दूसरी ओर, इस हाईवे पर रोजाना चल रहे ओवरलोडेड वाहनों के कारण सड़क में कई जगह गड्ढ़े हो चुके हैं, जो नजदीक पहुंचने पर ही दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं, भारी वाहनों के लगातार आवाजाही से सड़क कई स्थानों पर धंस चुकी है। सड़क के धंसने की वजह से कई दोपहिया वाहन चालक नियंत्रण खोने से दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि सरकार लोगों से टैक्स के रूप में रेवेन्यू तो इकट्ठा कर रही है पर धरातल पर आमजन के लिए कोई सुविधा नहीं है।
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- करनाल के एक निजी अस्पताल में कार्यरत व राजमार्ग पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले डाॅ. राहुल ने कहा कि पिछले दिनों इसी राजमार्ग पर सड़क पर हुए गड्ढ़ों से बचने के चक्कर में ट्रक पलट गया था। हादसे में चालक की मौत हो गई थी।
- हरीश ने बताया कि इस राजमार्ग पर पांवटा साहिब, खिजराबाद, यमुनानगर व यमुना क्षेत्र से रेत-बजरी के डंपर दिन रात चलते हैं। इन भारी वाहनों के कारण जहां आए दिन कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है, वहीं सड़क को बहुत नुकसान पहुंचता है।
- सुरेंद्र ने बताया कि गर्मी के मौसम में सड़क पर बिछा तारकोल नरम हो जाता है। ओवरलोडेड वाहन नरम हुए तारकोल को उखाड़ देते हैं और सड़क पर गड्ढ़े हो जाते हैं। इन गड्ढ़ों से सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है।
- बलदेव ने बताया कि राजमार्ग पर सफर करना बहुत ही जोखिम भरा हो गया है। दिन में तो सड़क पर बने गड्ढ़े दिखाई दे जाते हैं लेकिन रात में सामने से आ रहे वाहनों की रोशनी में यह गड्ढ़े दिखाई नहीं देते, जिस कारण अक्सर दुर्घटना हो जाती है।
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इंद्री रोड पर नई लेयर बिछाई जाएगी। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ग्रैप और सर्दी के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। उम्मीद है जनवरी के अंतिम सप्ताह तक काम शुरू हो जाएगा। - संदीप सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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