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अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र को किया गया सील, संचालक के खिलाफ दर्ज

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जिला स्तरीय नशा मुक्ति केंद्र निगरानी कमेटी ने वीरवार को विकास कॉलोनी में चल रहे अवैध नशा मुक्ति केंद्र को सील किया है। टीम गुरू ड्रग काउंसलिंग एवं नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। अवैध रूप से चल रहे इस नशा मुक्ति केन्द्र के संचालक तरसेम कुमार के खिलाफ केस दर्ज करवाकर पुलिस को सौंप दिया।
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कमेटी के सदस्य सचिव एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान डिलोढ़ ने बताया कि जिला प्रशासन को अवैध रूप से चल रहे इस नशा मुक्ति केंद्र के बारे में सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर जिला स्तरीय नशा मुक्ति केन्द्र निगरानी कमेटी ने इस केंद्र पर रेड की। इस केंद्र में इलाज करवा रहे 13 युवकों को जिला नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में भेज दिया गया है। इनमें 2 युवक हरियाणा के और शेष 11 पंजाब राज्य के रहने वाले हैं। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि अपने परिवार के किसी सदस्य का नशा छुड़वाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में संपर्क करें और किसी निजी नशा मुक्ति केन्द्र में दाखिल करवाने से पहले केंद्र के वैध होने के बारे में अवश्य पता करें। टीम में निगरानी टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सिम्मी कपूर, जिला समाज कल्याण अधिकारी पंचकूला विशाल सैनी, मनोचिकित्सक डॉ. आशीष अग्रवाल, समाजसेवी एवं निफा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू, निरिक्षक सुरेंद्र राणा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा पुलिस स्टाफ शामिल रहा।
नशा मुक्ति केंद्र के लिए कैसे करे आवेदन
कमेटी के सदस्य सचिव एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान डिलोढ़ ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र के संचालन के लिए जिला स्तरीय नशा मुक्ति केंद्र निगरानी कमेटी की अनुमति अनिवार्य है। इस कमेटी में जिला के उपायुक्त चेयरमैन, सिविल सर्जन सदस्य सचिव, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सदस्य सचिव, उपायुक्त के प्रतिनिधि, समाजसेवी तथा मनोचिकित्सक सदस्य के तौर पर कार्य करते हैं। नशा मुक्ति केन्द्र के संचालन की अनुमति के लिए जिला स्तरीय नशा मुक्ति केन्द्र निगरानी कमेटी को आवेदन करना होता है। इस कमेटी की सिफारिश पर आवेदन को राज्य स्तर की कमेटी के पास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में भेजा जाता है और वहीं से केन्द्र के संचालन का लाइसेंस जारी होता है।
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