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स्मार्ट सिटी की बजाय जाम सिटी बनी कर्ण नगरी

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कर्ण नगरी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है। इससे स्मार्ट होने की बजाय करनाल जाम सिटी बनता जा रहा है।
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शहर के मुख्य बाजारों के हालात ऐसे हैं कि यहां पैदल निकलने में भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालात यह हैं कि बाजारों में बड़े भवनों और अस्पतालों में पार्किंग के इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोग सड़क पर वाहन खड़ा करके अपने कार्य को चले जाते हैं। लेकिन इससे आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है।
शहर की मुख्य पांच सड़कों का जायजा लेने के लिए 12 बजे अमर उजाला की टीम सड़क पर उतरी और लंच टाइम में दोपहर 2.30 बजे तक स्थिति का जायजा लिया। ढाई घंटों में बस स्टैंड, घंटाघर चौक, कुंजपुरा रोड, कल्पना चावला कॉलेज के सामने निजी अस्पताल रोड व परशुराम चौक से सचिवालय की ओर जाने वाले रोड के हालात जाने तो जाम का मुख्य कारण पार्किंग की व्यवस्था का न होना पाया गया।
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दूसरा कारण दुकानदारों की ओर से सड़कों पर किया गया अतिक्रमण पाया गया। शनिवार का दिन होने के बावजूद भी हर तरफ जाम की स्थिति दिखाई दी। ये हालात तो तब थे जब कई शिक्षण संस्थान और सरकारी कार्यालयों में छुट्टी थी। सबसे खराब हालात राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामने वाली सड़क पर पाए गए, जहां दोनों ओर करीब निजी 10 अस्पताल हैं, लेकिन उनमें पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। जिनमें है वो मरीजों के वाहनों को खड़ा नहीं होने देते।
इस बाजार की यह दिखी स्थिति
बस स्टैंड रोड, समय दोपहर 12 बजे
स्थिति : सड़क के दोनाें ओर ऑटो-रिक्शा खड़े होने व दुकानदारों की ओर से सड़क पर किए गए अवैध कब्जे मिले।
समाधान : प्रशासन ऑटो-रिक्शा के खड़े होने की जगह निर्धारित करे व दुकानों के सामने सामान रखने की जगह की सीमा तय हो।
घंटाघर चौक से सब्जी मंडी रोड, समय 12.35 बजे
स्थिति: सड़क के दोनों ओर अवैध पार्किंग व पीली पट्टी से आगे करीब 15 फीट तक दुकानदारों के अवैध कब्जे के कारण जाम मिला।
समाधान : पार्किंग की व्यवस्था कर पीली पट्टी से आगे सामान रखने वाले दुकानदारों पर लगातार कार्रवाई कर राहत मिल सकती है।
कुंजपुरा रोड, समय 1.05 बजे
कारण : ग्राहकों की बजाय दुकानदारों व कर्मचारियों के वाहन सुबह से शाम तक रोड पर खड़े रहते हैं जो जाम का मुख्य कारण है। रोड पर करीब 500 से अधिक दुकानें हैं।
समाधान: दुकानदाराें के वाहनों को दुकानों के समाने की बजाय पार्किंग में खड़े हो। क्योंकि ग्राहक तो खरीदारी कर चला जाता है, जाम तो सुबह से शाम तक खड़े होने वाले वाहनों से लगता है।
कल्पना चावला के सामने निजी अस्पताल रोड, समय 1.45 बजे
कारण : सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर कब्जा व अवैध रूप से वाहन खड़े रहते हैं, क्योंकि अस्पतालों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।
समाधान : फुटपाथ पर अवैध कब्जे को छुड़वा कर व अस्पतालों की ओर से पार्किंग दिए जाने पर सुधार हो सकता है। फुटपाथ खाली होने से पैदल चलने वालों को राहत मिलेगी।
परशुराम चौक से सचिवालय जाने वाला रोड, समय 2.30 बजे
कारण: व्यस्त रहने वाले इस रोड पर कार उपकरण बेचने वाले 20 फीट तक घेरे रखते हैं। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है।
समाधान: कार उपकरण बेचने वाले दुकानदारों की गाड़ियां हटवाई जाएं। जिससे सड़क संकरी न पड़े और वाहन सुचारु चल सकें।
बस स्टैंड के चारों ओर ऑटो-रिक्शा वाले काफी देर तक खड़े रहते हैं जिससे पूरा दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। -संजू राणा
पूरी सड़क पर तो दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है जिससे वाहन निकलने और पैदल चलने की भी जगह नहीं बचती है। - सतीश
निजी अस्पताल संचालकों ने सड़क को निजी पार्किंग बना लिया है, जो नियमों के खिलाफ जाकर अपने अस्पतालों में पार्किंग नहीं दे रहे। - ललित शर्मा
कार का सामान बेचने वाले आधी से ज्यादा सड़क पर वाहन खड़े कर काम करते हैं। जाम लगने पर समय खराब होता है। -दीपक प्रजापति
उपायुक्त की ओर से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए संयुक्त टीम बनाई गई है, जिसमें पुलिस और निगम के कर्मचारी शामिल हैं। उनकी ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, जो भविष्य में भी जारी रहेगी।- मनोज कुमार, नगर निगम आयुक्त
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जो भी अवैध पार्किंग और अतिक्रमण करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार कार्रवाई कर भी रही है। -आरएस पन्नू, सिटी ट्रैफिक इंचार्ज
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