- हाईकोर्ट में कार्यरत बेटी के लिए चंडीगढ़ से आई बरात, महंगी कार में गई डोली, अनाथालय से शादी होकर जा चुकी 15 बेटियां भी परिवार के साथ शादी में पहुंचीं
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाथालय में पली और पढ़ लिखकर जजमेंट फाइंडर बनी बेटी की रविवार को धूमधाम से शादी हुई। हाईकोर्ट में कार्यरत इस बेटी के लिए चंडीगढ़ से दुल्हा बरात लेकर पहुंचा। श्रद्धानंद अनाथालय ट्रस्ट में हुए शादी समारोह में शादी वाले घर जैसी रौनक दिखाई दी। हिंदू रस्मों के साथ हुए विवाह के बाद ऑडी कार में दुल्हन की डोली भी गई। खास बात यह रही कि अनाथालय से शादी कराकर जा चुकी कई बेटियां भी इस समारोह में अपने परिवार के साथ पहुंचीं और आशीर्वाद दिया।
श्रद्धानंद अनाथालय ट्रस्ट की ओर से नेक कार्य करते हुए एक और कन्या का विवाह करवाया गया। बेटी अंजू का विवाह योगेश के साथ संपन्न हुआ। महाप्रबंधक गोपीनाथ शर्मा ने कन्यादान किया। समारोह में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान मुख्य अतिथि के रूप में नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने पहुंचे। जस्टिस अरविंद सिंह ने कहा कि कन्यादान सबसे बड़ा दान है। श्रद्धानंद अनाथालय लंबे अर्से से यह कार्य कर रहा है, जिसके लिए प्रबंधन समिति बधाई की पात्र है।
उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों का अहम योगदान होता है। जरूरतमंद और वंचित लोगों की मदद के लिए हम सभी को हाथ आगे बढ़ाने चाहिए। साथ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर, मेंबर स्टेट पुलिस कम्पलेंट अथॉरिटी हरियाणा आरसी वर्मा, श्रद्धानंद अनाथालय ट्रस्ट के प्रधान बलदेव राज आर्य, मेयर रेणु बाला गुप्ता, सीएम प्रतिनिधि संजय बठला, डिप्टी मेयर नवीन कुमार व विजयपाल एडवोकेट विशेष रूप से मौजूद रहे।
सजा पंडाल, बने व्यंजन
अनाथालय का शादी समारोह भी ऐसा रहा जैसे कोई पिता अपनी बेटी की शादी करता है। इसके लिए अनाथालय में ही विशेष रूप से पंडाल सजाया गया। शादी समारोह में कई तरह के व्यंजन बने। उधर, बरात भी बैंड बाजे के साथ आई। दुल्हे के रिश्तेदार और संबंधित बैंड की धुन पर झूमते नजर आए। बरात के स्वागत से लेकर दुल्हन की विदाई तक सभी रस्में उत्साह के साथ निभाई गईं।
अब तक 26 कन्याओं का कर चुके विवाह
प्रधान बलदेव राज आर्य व महाप्रबंधक गोपीनाथ शर्मा ने कहा कि श्रद्धानंद अनाथालय वर्ष 1927 से कार्य कर रहा है। अनाथ बच्चों को शिक्षित करना, अच्छे से उनकी देखभाल करना और फिर बेटियों का विवाह भी करवाना स्वयं में बेहतरीन कार्य हैं। संस्था की ओर से अब तक लगभग 26 कन्याओं का विवाह करवाया जा चुका है। समाजसेवी सज्जनों के सहयोग से यह नेक कार्य किया गया है।