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जश हत्याकांड : महापंचायत में पुलिस प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

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63: जीटी रोड जाम करने जा रहे लोगों पर बल प्रयोग कर खदेड़ती पुलिस। अमर उजाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। कमालपुर रोड़ान के जश चौधरी हत्याकांड मामले में बृहस्पतिवार को सेक्टर-12 स्थित फव्वारा पार्क में हुई सर्व समाज की महापंचायत में पुलिस के खिलाफ लोगों में आक्रोश दिखा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर न सिर्फ सवाल उठाए, बल्कि नारेबाजी भी की। साथ ही एक सुर में सीबीआई जांच के लिए मांग उठाई गई।
एसपी की ओर से निष्पक्ष जांच और हर बिंदु को स्पष्ट करने का भरोसा दिलाने पर भी लोग शांत नहीं हुए और जीटी रोड जाम करने निकल पड़े। ऐसे में पुलिस को लाठियों के साथ बल प्रयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद दो दिन का समय देकर प्रदर्शनकारी लौट गए। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को फिर से एकत्रित होने की बात कही है।
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उधर, महापंचायत के दौरान वक्ताओं ने अपील की कि शांतिपूर्वक न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी, कोई उग्र प्रदर्शन नहीं करेगा। परिजनों के आह्वान पर हुई महापंचायत में करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद व कैथल सहित कई जिलों के लोग पहुंचे हुए थे। महापंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। जिसके चलते लघु सचिवालय क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में कुलदीप सिंह व सत्यवान ढिलौड भी तैनात थे।
एसपी को महापंचायत में बुलाने की थी मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया महापंचायत में आएं और समाज को संतोषजनक जवाब दें। मृतक के चाचा अमन ने कहा कि उनका परिवार पुलिस की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। हत्याकांड में संदिग्ध कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके बाद एसपी से वार्ता के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। इसमें ब्राह्मण सभा के जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता, रोड़ महासभा के प्रधान नसीब सिंह, जिला बार संघ के पूर्व प्रधान निर्मल सिंह स्टौंडी, अधिवक्ता रामपाल, जयभगवान सीकरी, भाकियू पानीपत जिलाध्यक्ष सोनू मालपुरिया, यश के चाचा अमन, भीम सिंह, पूर्व सरपंच जगदीश व मोहर सिंह राणा सहित शामिल किए गए।
एसपी से वार्ता के बाद लघु सचिवालय के बाहर जश के चाचा अमन और कमेटी सदस्यों ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत के हर पहलू साझा किए। सोनू मालपुरिया ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने परिजनों की बातें मानी हैं। हर तरह से सहयोग किया जा रहा है। एफएसएल से कुछ रिपोर्ट शुक्रवार तक आने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार शाम को ही परिजनों को एसपी ने बुलाया है। दो दिन में काफी कुछ स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है। यदि कार्रवाई से संतुष्टि नहीं होती तो समाज फिर एकत्रित होगा।
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महापंचायत में आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने इस मामले की सीबीआई से जांच करवाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सौ दिन में पीड़ित को न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मुकदमा 10 साल चले तो उसका कोई फायदा नहीं होता। मामले में कोई निर्दोष फंसना नहीं चाहिए और दोषी बचना नहीं चाहिए। ओलंपियन नीरज चोपड़ा के चाचा भीम सिंह, नीरज पूनिया, कंडेला खाप से ओमप्रकाश, सुरेंद्र अहर, ईलम सिंह व अन्य सदस्यों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। साथ ही न्याय के लिए आवाज बुलंद की।
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