राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो में आयोजित कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुरबचन सिंह ने किया संबोधित
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) करनाल में वीरवार को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गुरबचन सिंह ने कहा कि भारत की जैव विविधता दुनिया में अद्वितीय है, इसे बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। हमें इसके लिए गंभीरता के साथ प्रयास करने होंगे।
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस कार्यक्रम में सबसे पहले एनवीएजीआर के निदेशक डॉ. एनएच मोहन की मौजूदगी में वैज्ञानिकों ने इस वर्ष की थीम प्रकृति के साथ सामंजस्य एवं सतत विकास का समर्थन किया। जैव विविधता के महत्व को समझाने के लिए छात्रों के लिए पोस्टर और भाषण प्रतियोगिता कराई गई। इस मौके पर देसी नस्लों के पशुओं को पालने के लिए पशुपालकों को सम्मानित किया। निदेशक ने कहा कि जैव विविधता का महत्व हर किसी को समझना चाहिए। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने और जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास करने चाहिए।
मुख्य अतिथि डॉ. गुरबचन सिंह ने पशुपालकों व विजेता छात्रों को बधाई देने के बाद जैव विविधता के संरक्षण पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में घोषित किया है, जो विविधता भारत में है, वह दुनिया में कहीं और नहीं है, हमें इसे संभालकर रखने की जरूरत है। जैव विविधता हमारे जीवन का आधार है और यह पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है।
विशिष्ठ अतिथि के रूप में पहुंचे आईसीएआर के पूर्व उप महानिदेशक (उद्यान) डॉ एनके कृष्ण कुमार ने फूलों की विविधता की जानकारी दी तो उच्च तुंगता रक्षा अनुसंधान संस्थान, लेह के निदेशक डॉ. ओम प्रकाश चौरसिया ने जैव विविधता को परिभाषित करते हुए किसानों को हींग की पैदावार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हींग की पैदावार में ईरान, ईराक और अफगानिस्तान के किसान बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। संचालन डॉ. अनिल कुमार मिश्र, डॉ. के एन राजा, डॉ. रेखा शर्मा व डॉ. सोनिका अहलावत ने किया।
प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम के अंत में पोस्टर प्रतियोगिता व भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार संयुक्त रूप से प्रताप पब्लिक स्कूल, राजकीय वरिष्ठ कन्या माध्यमिक विद्यालय व पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करनाल के छात्रों को प्रदान किया गया, जबकि द्वितीय पुरस्कार आदर्श पब्लिक स्कूल, राजकीय वरिष्ठ कन्या माध्यमिक विद्यालय एवं पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करनाल को दिया गया।