संबंधित देश के नियम का पालन करना जरूरी
विदेश यात्रा के लिए यदि किसी ने भारतीय टीका लगवाया है तो उसे कोई अन्य विदेशी टीका लगवाने की जरूरत नहीं है। भारतीय टीका भी बीमारी से लड़ने और मृत्यु से बचाने के लिए प्रभावी है। टीके का प्रमाणपत्र भी सभी जगह मान्य है, लेकिन जिस देश की यात्रा करने जा रहे हैं, उस देश के नियमों का पालन करना जरूरी है। बूस्टर डोज यदि संबंधित देश में लेना अनिवार्य है तो डोज लगवाई जा सकती है।
ब्लड बैंक कितने दिन बाद कराते हैं रक्तदान
- कोरोनारोधी टीका लगवाया है तो 14 दिन बाद
- कोरोना ठीक होने के 14 दिन बाद
- डिस्परीन या एसपरीन की गोली ली है (खून पतला करने के लिए) तो 45 दिन
- डेंगू हुआ है तो ठीक होने के छह माह बाद
- कुत्ता काटने पर टीकाकरण पूरा होने के एक साल बाद
- मलेरिया हुआ है तो तीन माह बाद
- ब्लड चढ़ा है तो एक साल के बाद
- कान छिदवाया या टैटू बनवाया तो एक साल बाद
- दांत निकलवाया तो छह माह बाद
(यह जानकारी नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक से ली गई है)
संक्रमित होने पर परहेज जरूरी
रक्तदान के लिए टीका लगवाने के बाद 14 दिन का इंतजार करना जरूरी नहीं है। व्यक्ति स्वस्थ है तो टीकाकरण के बाद भी रक्तदान कर सकता है। हालांकि कोरोना संक्रमित होने पर तीन सप्ताह, करीब 21 दिन बाद रक्तदान कर सकते हैं। -डॉ. एनके अरोड़ा, चेयरमैन, एनटीएजीआई
हर माह 40 हजार यूनिट रक्तदान
संबंधित व्यक्ति का संक्षिप्त चिकित्सकीय परीक्षण करके ही रक्त लिया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए टीकाकरण कराने के 14 दिन बाद ही उसका रक्त लिया जाता है। प्रदेश में हर माह 40 हजार यूनिट से ज्यादा रक्तदान होता है। - डॉ. संजय वर्मा, क्षेत्रीय रक्त संचार अधिकारी करनाल