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सिविल अस्पताल में हो रही जांच, अब तक डेंगू के 22 केस मिले

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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। अक्तूबर में डेंगू के 22 केस मिल चुके हैं। सिविल अस्पताल में रोज 20-30 सैंपलों की जांच की जा रही है। हर 20 सैंपल की जांच में औसत एक मरीज पॉजिटिव मिल रहा है। इस साल डेंगू के केस की संख्या 30 हो चुकी है। इनमें से 90 प्रतिशत केस ग्रामीण एवं बाहरी कॉलोनियों से हैं।
शहरी क्षेत्र में डेंगू के तीन केस मिले हैं। डेंगू के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग एंटी लारवा का छिड़काव करा रहा है, लेकिन नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग अब तक एक्शन में नहीं आया है। नगर निगम को फॉगिंग मशीनें जरूर मिली हैं, लेकिन फॉगिंग शुरू नहीं की गई। गांवों में सरपंच का कार्यकाल पूरा हो चुका है, इसलिए इस बार फॉगिंग नहीं करवा रहे हैं। नतीजा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का खतरा अधिक है।
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आयुष्मान कार्ड से हो सकता है डेंगू-मलेरिया का इलाज
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पैनल वाले निजी अस्पतालों में पात्र मरीज आयुष्मान कार्ड से डेंगू एवं मलेरिया का निशुल्क इलाज करा सकते हैं। पात्र मरीज को इलाज मिलने में दिक्कत आती है तो सिविल अस्पताल में योजना के नोडल अधिकारियों से मदद मांग सकते हैं। नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी ने बताया कि दोनों बीमारियों का इलाज पैनल वाले निजी अस्पतालों में निशुल्क होता है।
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- आंकड़ों पर एक नजर
वर्ष केस
2017 469
2018 133
2019 04
2020 272
2021 30 (15 अक्तूबर तक)
जहां डेंगू का मरीज मिलता है, वहां आसपास के 20 घरों की जांच होती है। एंटी लारवा का छिड़काव किया जाता है। फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर निगम और पंचायती राज विभाग की है।
-डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।
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