संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों में कृषि शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करने और शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान देने की योजना है। प्रदेश सरकार के ‘हर खेत स्वस्थ खेत अभियान’ के द्वितीय चरण (2022-23) के तहत महाविद्यालयों व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी किसानों के खेतों में जाकर मिट्टी के नमूने एकत्रित करेंगे। इन नमूनों की भूमि परीक्षण प्रयोगशाला में जांच उपरांत मृदा स्वास्थ्य जांच कार्ड किसानों को प्रेषित किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों की भूमिका रहेगी।
कृषि विभाग हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय से इस बाबत उच्चतर शिक्षा और वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा विभाग हरियाणा को पत्र प्रेषित किए जा चुके हैं। प्रदेश में इस वर्ष 71 शिक्षण संस्थानों को चिन्हित किया है, जिनमें 45 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और 26 राजकीय महाविद्यालय शामिल हैं। विद्यार्थियों को मिनी सॉयल टेस्टिंग किट भी प्रदान की जाएंगी। प्रत्येक छात्र को 200 सैंपल एकत्रित करने का लक्ष्य दिया है।
ये स्कूल-कॉलेज चिन्हित
योजना के तहत जिले में चार कॉलेज चिन्हित किए हैं। इनमें सेक्टर 14 स्थित पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय के बच्चे रांवर गांव में, रेलवे रोड स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय के विद्यार्थी डबरी गांव में और राजकीय महिला कॉलेज घरौंडा के विद्यार्थी अराईपुरा गांव में मिट्टी के सैंपल लेने का कार्य करेंगे। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संगोहा, ऊंचा समाना, घीड़ व सूभरी के विद्यार्थी अपने गांव में ही यह कार्य करेंगे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन करनाल के बच्चे टीकरी गांव, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बच्चे सलारू गांव व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोहंड के बच्चे कोहंड गांव में ही सैंपल लेने का कार्य करेंगे।
शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य उपनिदेशक कार्यालय से समन्वय बनाएंगे। संबंधित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान व चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से मिट्टी व सिंचाई पानी की जांच का प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया है। संबंधित गांव में मिट्टी का नमूना लेकर विद्यार्थी मोबाइल के माध्यम से उसका विवरण भी भरेंगे। प्रत्येक सैंपल के लिए विद्यार्थी को 40 रुपये दिए जाएंगे।
- डॉ. आदित्य प्रताप डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग