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अच्छी खबर: दुबई के गल्फ फूड मेले में भारतीय बासमती निर्यातकों को मिले एक लाख टन के ऑर्डर

Mon, 21 Feb 2022 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह देव शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)

सार

सऊदी अरब से एक ही बड़े खरीदार ने 50 हजार टन बासमती चावल का ऑर्डर दिया है। चावल निर्यातकों का उत्साह बढ़ा है। कोरोना काल के बाद अब निर्यात को गति मिलने की आस है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : जयसिंह रावत
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विस्तार
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देश से हर साल लगभग 4.2 मिलियन टन चावल का निर्यात होता है, लेकिन पिछले दो साल से कोरोना काल के दौरान इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन इस बार दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में लगे गल्फ फूड मेले से भारत के चावल निर्यातकों को बड़ी उम्मीद जगी है। 13 से 17 फरवरी तक चले इस मेले में इस बार एक लाख टन से अधिक के सौदे हुए हैं। खास बात यह है कि इस बार सऊदी अरब के एक ही खरीदार ने 50 हजार टन का सौदा तय करके निर्यातकों के हौसलों को उड़ान दी है। 

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इसमें कोई दो राय नहीं कि भारतीय चावल विशेषकर बासमती को गल्फ देशों में काफी पसंद किया जाता है। पिछले सालों की स्थिति देखें तो देश से कुल चावल का निर्यात करीब 4.2 मिलियन टन रहा है। इसमें हर साल लगने वाले गल्फ फूड मेले की भी खास भूमिका होती है, लेकिन पिछले साल कोरोना के कारण गल्फ फूड मेला आयोजित नहीं होने से निर्यातकों को झटका लगा था। साथ ही चावल का निर्यात भी प्रभावित रहा था। 

यही कारण है कि इस बार गल्फ मेले में भारत के करीब 150 चावल निर्यातकों ने न सिर्फ भाग लिया, बल्कि स्टाल भी लगाए। इसमें हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी के चावल निर्यातकों की संख्या अच्छी खासी रही, जिन्होंने अपने स्टालों पर बासमती बिरयानी का स्वाद विदेशी मेहमानों को चखाया।
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गौरतलब है कि जिले में सर्वाधिक बासमती चावल का निर्यात तरावड़ी से ही होता है। विदेशों में तरावड़ी वाली बासमती की विशेष मांग रही है। मेेले में ईरान, ईराक, सऊदिया, यमन, कतर, बहरीन, साउथ अफ्रीका आदि करीब 50 देशों के लोगों ने अच्छी खासी संख्या में सहभागिता की। 

कीटनाशकों के प्रयोग से चावल निर्यात को लगा है झटका

भारतीय चावल का निर्यात यूरोपीय देशों में भी करीब चार लाख टन होता है, लेकिन वहां भारतीय किसानों द्वारा धान में किए जा रहे अंधाधुंध कीटनाशकों के प्रयोग से निर्यात में करीब 60 प्रतिशत की कमी आई है। चावल निर्यातकों ने बताया कि इस निर्यात को दोबारा पटरी पर लाने और यूरोपीय देशों में भारतीय चावल की साख को दोबारा स्थापित करने के लिए किसानों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। उनसे जहरीले कीटनाशकों, खरपतवार नाशकों का प्रयोग कम करने को कहा जा रहा है। चावल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादित करना होगा।

इस बार दुबई के गल्फ फूड मेले से भारतीय बासमती निर्यातकों को बड़ी उम्मीद है। मेले में भारतीय चावल निर्यातकों को विभिन्न देशों से करीब एक लाख टन से अधिक के ऑर्डर मिले हैं, इनमें कई बड़े सौदों की तो एडवांस बुकिंग भी हुई है। सऊदी अरब के एक ही खरीदार ने 50 हजार टन बासमती चावल का आर्डर दिया है, जिससे इस बार चावल निर्यातकों का उत्साह दोगुना हो गया है। इसका फायदा कहीं न कहीं किसानों को भी मिलेगा, क्योंकि बासमती की मांग बढ़ेगी तो उन्हें बेहतर भाव भी मिलेगा। -सतीश गोयल, उपाध्यक्ष ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन।  

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