संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की शाखा में बीके उर्मिल बहन व निर्मल बहन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में चंडीगढ़ से आए भ्राता बीके अनिल ने अपने गहरे अनुभव सुनाए और गीतों के माध्यम से नववर्ष की बधाई दी। बीके निर्मल बहन ने कहा कि जब हम छोटी- छोटी बातों को अपने दिमाग में पकड़ लेते हैं तो वह हमें भारी लगने लगती हैं। हमें घर में शांति और सुख बनाए रखने में मुश्किल हो जाता है। इसीलिए छोटी-छोटी बातों को बुद्धि में पकड़ कर नहीं रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें स्वयं को परमात्मा शक्तियों से भरकर शक्तिशाली बनाना है। उन्होंने बताया कि पानी का गिलास आधा भरा हुआ है लेकिन कुछ लोग आधा खाली देखते हैं। कुछ लोग उसे भरा हुआ देखते हैं और आधा वह हवा से भरा हुआ है। आधा वह पानी से भरा हुआ है इसी प्रकार से हमें अपने घर को मंदिर बनाने के लिए अपने विचारों को सकारात्मक से पॉजिटिविटी से भरना होगा। आज कोर्ट और कचहरी भारी पड़ी है। आपसी मतभेदों के कारण और विचारों के न मिलने के कारण जब हम प्रभु चिंतन करते हैं। परमात्मा की संतान एक दो को प्यार से सम्मान से पेश आते हैं तो नेचुरल ही घर मंदिर बन जाएंगे।