संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पूर्व सीएम मनोहर लाल के गोद लिए गांव काछवा में हुए भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। गांव में कश्यप चौपाल को बनाने में किए गए गबन के मामले में डीडीपीओ ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी, सरपंच सहित पांच लोगों के खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज कराया है।
इस गबन की शिकायत 2021 में गांव के ही एक युवक ने सीएम विंडो में की थी। उसकी शिकायत पर ही मामले की जांच हुई। उस जांच रिपोर्ट के आधार पर भी मामला दर्ज कराया गया है। इसमें अभी कुछ और अधिकारी कर्मचारी व अन्य लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है।
काछवा गांव निवासी हवा सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत दी थी कि गांव में कश्यप चौपाल करीब 30 साल पुरानी थी। जिसकी दीवारों की चिनाई मिट्टी से हुई थी। जिसका क्षेत्र करीब 1600 वर्ग फीट है। लेंटर भी पड़ा हुआ है।
आरोपी गांव के सरपंच अजय कुमार, ग्राम सचिव, जेई, एसडीओ, पंचायती राज के एक्सई, खंड एवं विकास अधिकारी आदि ने मिलीभगत कर पांच से दस लाख रुपये की ग्रांट खर्च कर उस चौपाल की छत को उठाया गया। छह महीने बाद उसे चौपाल को तोड़कर दोबारा नए सिरे से बनाना शुरु कर दिया। इतना ही नहीं उस निर्माण में चौपाल की पुरानी ईंटों का प्रयोग किया गया।
दस्तावेजों में नए निर्माण सामग्री के बिल लगाकर रुपये का गबन किया गया। यह शिकायत फरवरी 2021 में दी गई थी।
इस शिकायत पर पंचायती राज विजिलेंस ने जांच की और जांच में आरोप पाए जाने पर विभाग की ओर से डीडीपीओ संजय टांक ने आरोपी सरपंच अजय कुमार, मुकेश कुमार, महेंद्र सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने करने के लिए सदर थाना में शिकायत दी।
सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सदर थाना प्रभारी विष्णु मित्र ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है, इसमें अभी कुछ अन्य लोगों के नाम भी आ सकते हैं।