असंध अनाज मंडी में वीरवार को राइस मिलर्स द्वारा औने-पौने दामों पर धान खरीदने, सरकारी खरीद न होने के विरोध में किसानों ने मंडी का गेट बंद करके धरना दिया और सामने की सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं छह दिन से धान न बिकने पर एक किसान ने आक्रोशित होकर अपनी बाइक में ही आग लगा दी
धान की नियमित खरीद न होने पर किसानों में गुस्सा बढ़ रहा है, क्योंकि कई दिन से अनाज मंडियों में पड़ा धान खराब होने लगा है। किसानों ने कहा कि खरीद एजेंसियों के इंस्पेक्टर 17 फीसदी नमी वाले धान में भी 200 से लेकर 300 रुपये का कट लगाकर किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राइस मिलर्स औने-पौने दामों पर धान खरीद रहे हैं लेकिन फिर भी कोई भी बड़ा अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
नायब तहसीलदार रमेश कुमार, मार्केट कमेटी के सचिव ओमप्रकाश और मंडी प्रधान सतीश बल्हारा मौके पर पहुंचे। तीनों खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों को पूरे 1960 रुपये में 17 प्रतिशत नमी तक का धान खरीदने के निर्देश दिए इसके बाद जाम खुलवाया।
किसान नेता जोगिंदर सिंह झिंडा व छत्रपाल ने कहा कि राइस मिलर्स और तीनों खरीद एजेंसियों के निरीक्षक आपस में मिले हैं। असंध अनाज मंडी में नमी के नाम पर किसानों से प्रति क्विंटल 200 रुपये तक काटे जा रहे हैं। नायब तहसीलदार रमेश कुमार ने पूरे दाम पर धान खरीदने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने 2 बजे जाम खोल दिया।
धान की दुर्दशा देखी नहीं जाती...
नई अनाज मंडी में पिछले कई दिनों से धान की फसल लेकर आए गांव चौगामा के किसान साहब सिंह ने धान की दुर्दशा से आहत होकर अपनी बाइक को आग लगा दी। किसान ने बताया कि वह एक अक्तूबर को धान लेकर आया था। लेकिन अब उसकी धान काली पड़ चुकी है। आज तक कोई खरीद नहीं हो पाई। अब दुर्दशा देखी नहीं जा रही है। इससे तंग आकर बाइक को आग लगाई है। धान की फसल बहुत मेहनत से लगती है, लेकिन इस तरह से फसल की बेकद्री होने से परेशान हैं।