संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सर्व कर्मचारी संघ के हल्ला बोल प्रदर्शन के आह्वान पर रविवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सेक्टर 12 में जिला सचिवालय के समक्ष नारेबाजी की। सुबह से कर्मचारी एकत्रित होने शुरू हो गए और रोष जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सर्व कर्मचारी संघ की सभी मांगों को लागू नहीं किया तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। समस्याओं का हल होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में नगर पालिका कर्मचारी, बिजली विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग व परिवहन सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। संघ के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर जुल्म कर रही है। कच्चे कर्मचारी हटा दिए गए, पक्के कर्मचारियों के साथ भी सरकार का रवैया सही नहीं है। जो कर्मचारी निकाले गए हैं उन्हें वापस लिया जाए। कच्चे कर्मचारियों का इपीएफ व ईएसआई कुछ नहीं कट रहा है। डीसी रेट से भी कम वेतन दिया जा रहा है।
कार्यकारी सचिव सुशील गुर्जर ने कहा कि जब तक सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं करती आंदोलन किया जाएगा। सरकार जनसेवाओं का विस्तार करने के बजाय निजीकरण की तरफ ध्यान दे रही है। मौके पर कृष्ण शर्मा, शारदा, जगतार सिंह, विजय शर्मा, राजिंद्र राणा, रंगलाल संधू, बलराज, अंकित राणा, जगमाल, रमेश शर्मा, सेवा राम, कर्मवीर शर्मा, नरेश, ऊधम सिंह राठी, जयभगवान शर्मा, अनिल सैनी, धीरज रावत, सतपाल सैनी, सुदेश, शिमला देवी, कृपाल, रोहतास खोखर व अशोक अरोड़ा मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने ये मांगें उठाई
सर्व कर्मचारी संघ की मांगों में बर्खास्त कर्मचारियों की सेवा बहाली, सार्वजनिक विभागों का विस्तार, सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, सेवा सुरक्षा, समान काम-समान वेतन व अन्य सुविधाएं, एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन नीति बहाली, 25 अगस्त 2014 के मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार लिपिक को पे-मैट्रिक्स लेवल-6 में 35 हजार 400 वेतन व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर पेंशन देना, कॉमन कैडर ग्रुप डी कर्मियों का पदोन्नति कोटा बढ़ाना, परियोजना वर्कर आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील, आशा वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मी व वन मजदूरों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, वर्कलोड अनुसार नए पद स्वीकृत कर बेरोजगारों को पक्की नौकरी देना, निजीकरण पर रोक लगाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं सभी को निशुल्क देना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, बिजली संशोधन बिल-2021, रोड ट्रांसपोर्ट से टी बिल व नए लेबर कोड रद्द करना शामिल हैं।