माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सर्वाइकल कैंसर पीड़ित आशा वर्कर रीटा ने बताया कि उन्होंने इस बीमारी का दर्द झेला है। उनकी बेटी को यह बीमारी न हो, इसके लिए तीन साल पहले उन्होंने कई दिन भटकने के बाद 12 हजार रुपये खर्च करके एचपीवी टीकाकरण कराया था। अब उनकी बेटी भी सुरक्षित है, उसके स्वास्थ्य पर भी किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं है। उन्होंने सभी बेटियों से यह टीकाकरण कराने की अपील की।
मौका था जिला प्रशासन की ओर से राजकीय विद्यालय प्रेम नगर और रेलवे रोड में आयोजित कार्यक्रम का। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा विशेष रूप से पहुंचे थे। उनके सामने ही महिला ने आपबीती सुनाकर सभी को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। महिला ने कहा कि आज भारत सरकार बेटियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए नि:शुल्क टीकाकरण करा रही है तो इसका लाभ जरूर उठाना चाहिए।
डीसी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी बचाव के लिए एचपीवी लड़कियों के लिए अनिवार्य है। छात्राएं एवं अभिभावक अफवाहों पर ध्यान न दें। यह टीकाकरण सुरक्षित है। सरकार की ओर से 14 व 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर एसडीएम करनाल देवेंद्र शर्मा, स्कूल प्रिंसिपल महेंद्र सिंह, प्रिंसिपल संदीप कौर मौजूद रहे।
माइक्रो प्लान बनाकर करेंगे जागरूक, जनप्रतिनिधि भी होंगे शामिल
नगराधीश मोनिका शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में आईसीई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो प्लान बनाकर कार्य करें और विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं। शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करें। शिक्षण संस्थाओं के मुखिया व अन्य शिक्षक, विशेषकर महिला शिक्षक छात्राओं व उनके अभिभावकों को एचपीवी टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करें।