हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित हुई नायब तहसीलदार पद की लिखित परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल में बंने सेंटर से एक स्कूल कर्मचारी के मोबाइल से पहले पेपर को बाहर भेजा गया और बाद में साल्व पेपर को अंदर भेजा गया। इतना ही नहीं ये पेपर कुछ ही सेंकेड में रेवाड़ी में भी पहुंचा गया। उधर, इस मामले में करनाल में एक खंड के शिक्षा अधिकारी व निजी स्कूल के शिक्षक का नाम सामने आया है। एसटीएफ की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने स्कूल के एक चपरासी को काबू किया है, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
मामले के अनुसार, सुबह के सत्र में नायब तहसीलदार की परीक्षा हुई। कुंजपुरा रोड पर स्थित एसएस इंटरनेशनल स्कूल से एक शिक्षक व चपरासी के माध्यम से व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र को आउट किया गया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि यह पेपर जिले के एक बीईओ के पास भेजा गया। बीईओ ने आगे इसे फारवर्ड कर दिया। आरोप है कि कुछ ही देर के बाद पेपर साल्व होने के बाद वापस भी आ गया। इसी दौरान पेपर लीक बात फैल गई और रेवाड़ी पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया। रेवाड़ी पुलिस की ओर से ये बात सामने आने के बाद कि पेपर करनाल से लीक हुआ है, पुलिस अलर्ट हो गई। आनन फानन में एसटीएफ को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसटीएफ इंस्पेक्टर संजीव गौर ने इस मामले में छापेमारी की और स्कूल के एक चपरासी राजकुमार को काबू किया। आरोप है कि इसके मोबाइल से ही पेपर को आउट किया गया था, जबकि एक शिक्षक और बीईओ की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।
जांच के बाद होगा खुलासा: एसपी
इस बारे में एसपी करनाल सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि रेव़ाड़ी पुलिस की तरफ से मैसेज मिलाी था कि करनाल में पेपर लीक होने का संदेह है। इस पर पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं। उधर, परीक्षा के नोडल अधिकारी एसडीएम गौरव कुमार का कहना है कि पेपर लीक की सूचना आई थी, पुलिस इसकी जांच कर रही है।