नामांकन करते हुए दिव्यांशु बुद्धिराजा और तरलोचन सिंह।
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भाजपा की तरह कांग्रेस ने भी करनाल सीट पर पंजाबी कार्ड खेला है। जहां पहले लोकसभा सीट के लिए पंजाबी युवा चेहरे दिव्यांशु बुद्धिराजा को मैदान में उतरा। वहीं बुधवार को बिना टिकट की घोषणा के सीधे ही तरलोचन सिंह का भी करनाल विधानसभा सीट से नामांकन भरवा दिया। सुबह तक केवल बुद्धिराजा के नामांकन का ही घोषणा थी, इसी के आधार पर तैयारियां की गई थी।
नामांकन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान विशेष तौर पर मौजूद रहे। बुद्धिराजा के नामांकन को लेकर सेक्टर-12 सुपर मॉल के नजदीक तैयारियां की गई थी। यहीं पर सभी कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे। जोश के साथ कांग्रेस के समर्थन में नारेबाजी करते हुए और गीतों पर युवा झूमते दिखाई दिए।
इसके बाद पूर्व सीएम और प्रदेशाध्यक्ष के पहुंचने पर लोकसभा प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। दिव्यांशु बुद्धिराजा ने उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तम सिंह को समक्ष नामांकन किया। वहीं कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी पंजाबी चेहरा तरलोचन सिंह एसडीएम अनुभव मेहता के समक्ष नामांकन किया। दोनों जगह प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व सीएम व असंध से कांग्रेस के विधायक शमशेर सिंह गोगी मौजूद रहे।
मनोहर लाल के खिलाफ लड़ा था चुनाव
तरलोचन सिंह ने 2019 में मुख्यमंत्री रहे मनोहरलाल के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। 2019 के चुनाव में मनोहर लाल को 79906 वोट मिले। इस दौरान कांग्रेस के तरलोचन सिंह ने उन्हें टक्कर दी और कांग्रेस प्रत्याशी को 34718 वोट मिले और मनोहर लाल 48188 वोटों से विजयी रहे। अब फिर तरलोचन को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है, इस बार उनकी टक्कर मुख्यमंत्री नायब सैनी से होगी।