माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। होण मुबारक सबणू ऐह जो घड़ियां आईयां जी, गुरु पूरब दियां बधाईयां जी..। जिवे नेड़े-नेड़े स्याल आई जांदा, कलगियां वाले दा ख्याल आई जांदा... और शाह ए शहंशाह गुरु गोबिंद सिंह, बादशाह दरवेश गुरु गोबिंद सिंह.. जैसे शबदों से गुरु की महिमा का बखान किया गया। मौका था श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व का।
जिसका श्रद्धापूर्वक बड़े स्तर पर आयोजन डेरा कार सेवा में हुआ। प्रकाश पर्व गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी की ओर से पंथ प्रचारक बाबा सुक्खा सिंह के मागर्दशन में मनाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के जत्थे गुरमत समागम में पहुंचने शुरू हो गए थे। कोहरे और ठंड के बीच भी आस्था का यह सैलाब कम नहीं हुआ। देर शाम तक गुरुद्वारा में शीश नवाने संगतें पहुंचतीं रहीं। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।
पूर्व मेयर रेनू वाला गुप्ता ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने जो मानवता के लिए कुर्बानी दी। उनके परिवार की शहादत आज भी लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि समूचा देश सिख समुदाय का हमेशा कर्जदार रहेगा।
इस अवसर पर गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी के प्रधान वरिंदर सिंह, महासचिव इंद्रपाल सिंह, रतन सिंह, गुरपाल सिंह डोनी, हरप्रीत नरूला, तेजेंद्र सिंह, हरमीत सिंह हैप्पी, गुलाब सिंह, रतन सिंह मौजूद रहे।
गुरुद्वारे में हुए गुरमत समागम सुबह नौ बजे से शुरू हुआ। श्री दरबार साहिब अमृतसर से हजूरी रागी भाई मनदीप सिंह, रागी जत्था गुरसेवक सिंह पटियाला वाले, ढाडी जत्था सुखजिंद्र सिंह, अमृतपाल सिंह (हैड ग्रंथी) गुरुद्वारा मंजी साहिब ने गुरु महिमा का गान किया। नितनेम एवं रहरासि साहिब जी का पाठ भाई मंजूर सिंह और गुरप्रीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में पूर्व मेयर रेनूबाला गुप्ता, पूर्व ओएसडी संजय बठला, समाजसेवी राम कुमार कल्याण, पूर्व पार्षद वीर बिक्रम, मेघा भंडारी भी पहुंचे, जिन्हें सिरोपा भेंट किया गया।