संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सर्दी में इजाफा होते ही नवजात और बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है।
मौसम में लगातार बदलाव के कारण यह समस्या ज्यादा सामने आ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए 50 से 60 ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं जो कि खांसी, जुकाम व बुखार से ग्रस्त हैं और उनके निमोनिया के लक्षण नजर आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुनिष पुर्थी ने बताया कि इस भीषण सर्दी में बच्चों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है। शीतलहर चल रही है ऐसे में बच्चों को घर के अंदर ही रखें। यदि बच्चा बीमार है तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। सर्दी के दिनों में छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को हल्का गर्म पानी पीने के लिए दें। घर में बच्चे को ऐसी जगह न सुलाएं जहां हवा ज्यादा आती हो। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में होने वाली मौतों में निमोनिया प्रमुख कारण है।