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विस्फोटक पहुंचाने के बदले हेरोइन लेता था गुरप्रीत, पंजाब में करता था सप्लाई

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राकेश चौहान
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करनाल। पुलिस के हत्थे चढ़े चारों आतंकियों का सरगना गुरप्रीत है, जो पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा से जुड़े आतंकी हरविंद्र सिंह उर्फ रिंदा के साथ विस्फोटक सामग्री सप्लाई करने की डील करता था। इसके बदले में वह रिंदा से हेरोइन के पैकेट लेता था। हथियारों और हेरोइन की आपूर्ति पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से ही की जाती थी। आतंकियों से पूछताछ के बाद इसकी पुष्टि करनाल पुलिस ने भी की है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में रह रहा बब्बर खालसा से जुड़ा आतंकी हरविंद्र सिंह उर्फ रिंदा सुनियोजित तरीके से न सिर्फ भारत में धमाकों की साजिश रच रहा है, बल्कि पंजाब को नशे में डुबाने की भी कोशिश कर रहा है। यही कारण है कि आतंकी घटनाओं के लिए पाक से न सिर्फ विस्फोटक और असलहे सप्लाई किए जा रहे हैं बल्कि युवाओं को नशे की गर्त में ढकेला जा रहा है। पुलिस के अनुसार धरा गया आतंकी गुरप्रीत अभी तक एक किलोग्राम हेरोइन लेकर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई कर चुका था। ये हेरोइन भी ड्रोन के माध्यम से आकाशदीप के निहालेवाला गांव स्थित खेतों में पैकेट के रूप में गुरप्रीत को मिलती थी। साथ ही खर्चे के लिए लाखों रुपये भी मिलते थे। विदित हो कि गुरप्रीत पर हत्या के प्रयास, डकैती सहित अन्य कई धाराओं में मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। बठिंडा जेल में ही गुरप्रीत की मुलाकात राजबीर से हुई थी, जो पहले ही हत्या के मामले में जेल में बंद था। राजबीर ने ही गुरप्रीत को आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा की एप आईडी दी थी। साथ ही संपर्क करने के लिए कहा था। नशे के व्यापार को बढ़ाने के लिए ही गुरप्रीत ने हरविंद्र से संपर्क किया और विस्फोटक सामग्री को हरविंद्र के बताई हुई जगह पर पहुंचाने लगा।
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जंगल में तो कहीं जमीन में दबाकर आते थे विस्फोटक सामग्री, जगह पर बना देते थे निशान
सरहद पार बैठे आतंकी हरविंद्र से स्वदेश में विस्फोटक सामग्री लेने के बाद उसे पहुंचाने का फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाता था। इसके बाद हरविंद्र एप के माध्यम से गुरप्रीत को लोकेशन भेजता था, जिस जगह पर वह विस्फोटक सामग्री पहुंचानी होती थी। इसके बाद गुरप्रीत अपने साथियों के साथ वह विस्फोटक सामग्री लोकेशन के अनुसार पहुंचा देता था और उसे जंगल या खाली जमीन में कहीं छिपा देता था। साथ ही वहां कोई निशानी बना देता था। इसके बाद वहां की फोटो खींचकर एप के माध्यम से वह हरविंद्र को भेजता था। फिर हरविंद्र उन्हें वापस आने के लिए कहता था और वह फोटो अगले सप्लायर को भेज देता था। गुरप्रीत के जाने के बाद दूसरा व्यक्ति या सप्लायर वहां से वह विस्फोटक सामग्री ले जाता था ताकि दोनों सप्लायर एक दूसरे को देख न सकें।
अमीर बनाने के लिए भाई को लिया साथ, अमनदीप की ही थी इनोवा कार, पुलिस कर रही जांच
विस्फोटक सामग्री को सप्लाई करने के लिए गुरप्रीत ने अपने भाई अमनदीप को भी साथ लिया हुआ था, क्योंकि अमनदीप ड्राइवर का काम करता है। भाई को अमीर बनाने के लिए गुरप्रीत ने उसे साथ रखा था। जिस इनोवा कार में यह विस्फोटक सामग्री सप्लाई करते थे वह भी अमनदीप की है। इसकी भी पुलिस दिल्ली जाकर जांच कर रही है, क्योंकि यह इनोवा दिल्ली नंबर है।
नशे के व्यापार को बढ़ाने के लिए लेता था हेरोइन
आतंकी गुरप्रीत पहले से ही नशे की तस्करी करता था। इस कारण वह आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा से हेरोइन लेता था ताकि वह नशे का अपना कारोबार बढ़ा सके। हेरोइन को वह पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में सप्लाई करता था। गुरप्रीत के खिलाफ पंजाब में नशा तस्करी करने के भी कई मामले दर्ज हैं।
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गुरप्रीत विस्फोटक सामग्री सप्लाई करने के बदले हरविंद्र सिंह रिंदा से हेरोइन के पैकेट लेता था। इस बारे में भी आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह हेरोइन भी ड्रोन के माध्यम से गुरप्रीत को हरविंद्र भेजता था। इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा ही है।
-गंगाराम पुनिया, एसपी करनाल।
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